अफगानिस्तान के खिलाफ एकमात्र टेस्ट और तीन मैचों की एकदिवसीय सीरीज के लिए टीम इंडिया का ऐलान कर दिया गया है। टीम में कुछ ऐसे खिलाड़ियों को मौका दिया गया है जिनका प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा है जबकि उन खिलाड़ियों को नजरअंदाज किया गया जिनका हालिया फाॅर्म बेहतर है। ऐसे में चयन समिति और मुख्य चयनकर्ता अजित अगरकर सवालों के घेरे में आ गए हैं। खासकर घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों की अनदेखी और आईपीएल आधारित चयन को लेकर क्रिकेट जगत में बहस तेज हो गई है
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाली एकमात्र टेस्ट और तीन मैचों की वनडे सीरीज के लिए टीम इंडिया का ऐलान कर दिया है। अफगानिस्तान का भारत दौरा 6 जून से शुरू होगा। पहला और एकमात्र टेस्ट मुकाबला न्यू चंडीगढ़ के महाराजा यादविंद्र सिंह क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा वहीं तीन वनडे मुकाबले 14 जून को धर्मशाला में, 17 जून को लखनऊ और 20 जून को चेन्नई में खेले जाएंगे। टेस्ट टीम की कमान शुभमन गिल को सौंपी गई है जबकि केएल राहुल को उपकप्तान बनाया गया है लेकिन टीम चयन के साथ ही चयन समिति और मुख्य चयनकर्ता अजित अगरकर सवालों के घेरे में आ गए हैं। घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों की अनदेखी और आईपीएल आधारित चयन को लेकर क्रिकेट जगत में बहस तेज हो गई है। सवाल उठ रहे हैं कि क्या घरेलू क्रिकेट में बेहतर प्रदर्शन अब बेकार हो गया है? क्या आईपीएल कनेक्शन ही चयन का नया आधार बन चुका है? क्या प्रतिभा से ज्यादा लाॅबी हावी है? चयन में दोहरा मापदंड क्यों जैसे तमाम सवाल मीडिया और सोशल मीडिया में तैर रहे हैं।
खेल विशेषज्ञों और कई पूर्व दिग्गज खिलाड़ियों का मानना है कि यदि घरेलू क्रिकेट में लगातार प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को मौका नहीं मिलेगा तो रणजी ट्राॅफी की अहमियत पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
रोहित और विराट कोहली जैसे वरिष्ठ खिलाड़ियों के बाद भारतीय टेस्ट टीम संक्रमण के दौर से गुजर रही है। ऐसे में चयनकर्ताओं के फैसले भविष्य की दिशा तय करेंगे लेकिन अगर घरेलू क्रिकेट में निरंतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों की जगह आईपीएल प्रदर्शन या फ्रेंचाइजी कनेक्शन को प्राथमिकता मिलेगी तो सवाल उठना तय है।
सबसे बड़ा विवाद जम्मू-कश्मीर के तेज गेंदबाज आकिब नबी को मौका न मिलने पर खड़ा हुआ है। आकिब पिछले दो घरेलू सीजन से शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रथम श्रेणी क्रिकेट में उन्होंने 18 मैचों में 104 विकेट लिए हैं और 13 बार पांच विकेट हॉल हासिल किए हैं। रणजी ट्रॉफी 2025-26 में उन्होंने 10 मैचों में 60 विकेट लेकर जम्मू-कश्मीर को पहला रणजी खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी। फाइनल में पांच विकेट लेकर उन्होंने प्लेयर ऑफ़ द टूर्नामेंट का पुरस्कार भी जीता। इसके बावजूद चयनकर्ताओं ने आकिब की जगह पंजाब के तेज गेंदबाज गुरनूर ब्रार को मौका दिया, जिन्होंने 18 प्रथम श्रेणी मैचों में सिर्फ 52 विकेट लिए हैं। गुरनूर आईपीएल में गुजरात टाइटंस के लिए खेलते हैं जिसके कप्तान खुद शुभमन गिल हैं। ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि क्या अब रणजी ट्राॅफी नहीं बल्कि आईपीएल चयन का असली पैमाना बन गया है। पूर्व भारतीय ऑल राउंडर इरफान पठान ने भी इस फैसले पर नाराजगी जताई है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि रणजी ट्राॅफी में शानदार प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को हतोत्साहित नहीं किया जाना चाहिए। हालांकि स्पिनर मानव सुथार का चयन पूरी तरह गलत नहीं कहा जा सकता। उन्होंने रणजी ट्रॉफी 2025-26 में शानदार प्रदर्शन किया है। 29 फर्स्ट क्लास मैचों में 129 विकेट लेने के अलावा उन्होंने राजस्थान के लिए पहला शतक भी लगाया था। ऐसे में उनका चयन घरेलू प्रदर्शन के आधार पर उचित माना जा सकता है।
क्या कप्तान से दोस्ती आई काम?
साई सुदर्शन की टेस्ट टीम में वापसी ने भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। साई अब तक छह टेस्ट मैचों में सिर्फ 302 रन बना पाए हैं और उनका औसत 27.45 का रहा है। इसके बावजूद उन्हें फिर मौका मिला है चूंकि साई सुदर्शन भी गुजरात टाइटंस के लिए शुभमन गिल के साथ खेलते हैं इसलिए चयन को लेकर कप्तान
कनेक्शन की चर्चा तेज हो गई है।
सोशल मीडिया पर यह बहस भी छिड़ी हुई है कि क्या आईपीएल प्रदर्शन अब रणजी ट्राॅफी से ज्यादा महत्वपूर्ण हो गया है। क्या खराब टेस्ट रिकॉर्ड के बावजूद साई की वापसी के पीछे यही समीकरण काम कर गया? साईं ने जून 2025 में इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट डेब्यू किया था। छह टेस्ट मैचों में उनके नाम सिर्फ दो अर्धशतक हैं। इसके बावजूद उन्हें लगातार मौके मिल रहे हैं। अब देखना दिलचस्प होगा कि क्या शुभमन गिल उन्हें प्लेइंग इलेवन में भी जगह देते हैं और अगर हां तो उनका प्रदर्शन कैसा रहता है ये देखने लायक होगा।
हर्ष दुबे : बाएं हाथ के हर्ष दुबे ऑफ-स्पिन गेंदबाज हैं और जरूरत पड़ने पर बल्लेबाजी भी कर लेते हैं। उन्हें टेस्ट और वनडे टीम में चुना गया है। हर्ष ने 2024-25 रणजी सीजन में 69 विकेट चटकाए थे लेकिन अगले सीजन 2025-26 में 3 मैचों में केवल 14 विकेट ले पाए। विजय हजारे ट्राॅफी में भी वो 10 मैचों में 10 विकेट ले पाए मगर अब अचानक टेस्ट और वनडे टीम में भी जगह मिलने से सवाल खड़े हो रहे हैं।
नीतीश कुमार रेड्डी : बेशक नीतीश कुमार रेड्डी व्हाइट बाॅल क्रिकेट के अच्छे खिलाड़ी हैं लेकिन टेस्ट की बात करें तो पिछले साल बल्लेबाजी में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मेलबर्न में आए शतक के अलावा उन्होंने कुछ कमाल करके नहीं दिखाया है। अभी उनका टेस्ट औसत सिर्फ 26. 40 का है और 8 टेस्ट मैच खेलकर भी वो सिर्फ 10 विकेट ले पाए हैं। आईपीएल 2026 में भी वे कुछ खास प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं। ऐसे में उनके टीम इंडिया में चयन को लेकर सवाल उठने लाजमी हैं।
अब वनडे में भी हुई ईशान की वापसी
लम्बे समय तक बाहर रहने के बाद ईशान किशन ने पहले टी-20 टीम में वापसी की थी और अब वनडे में भी जगह बना ली है। आईपीएल में दमदार प्रदर्शन ने उनकी राह आसान कर दी। इसे पंत के लिए एक बड़े संकेत के तौर पर देखा जा रहा है कि चयनकर्ता अब केएल राहुल के बैकअप विकेटकीपर के रूप में ईशान किशन को तैयार करना चाहते हैं।
उपकप्तानी के साथ वनडे विश्व कप से भी बाहर हुए पंत?
विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत को टेस्ट टीम में जगह तो मिली है लेकिन उपकप्तानी से हटा दिया गया है जबकि वनडे टीम में उन्हें जगह नहीं मिली। आईपीएल इतिहास के सबसे महंगे खिलाड़ी बने पंत की कप्तानी में लखनऊ सुपर जायंट्स का प्रदर्शन 2025 और अब 2026 में भी बेहद निराशाजनक रहा। टी-20 टीम से पहले ही बाहर चल रहे पंत को वनडे टीम से भी बाहर रखा गया है जिससे संकेत मिल रहे हैं कि चयनकर्ता 2027 वनडे विश्वकप की योजनाओं में नए विकल्प तलाश रहे हैं। पंत की जगह टेस्ट टीम का उपकप्तान केएल राहुल को बनाया गया है।
पंत का समर्थन करते हुए पूर्व क्रिकेटर मोहम्मद कैफ ने कहा कि वह टेस्ट टीम के उप-कप्तान बने रहने के पूरी तरह हकदार थे। कैफ का मानना है कि टेस्ट क्रिकेट में पंत भारत के सबसे बड़े मैच-विनर्स में से एक हैं और उन्होंने ऐसा कुछ भी गलत नहीं किया जिसके आधार पर उनसे उप-कप्तानी छीनी जाए। ‘जियोहाॅटस्टार’ पर बातचीत के दौरान कैफ ने कहा कि टेस्ट और टी-20 क्रिकेट पूरी तरह अलग फाॅर्मेट हैं और आईपीएल के प्रदर्शन के आधार पर टेस्ट क्रिकेट में किसी खिलाड़ी का मूल्यांकन करना सही नहीं है। सिर्फ आईपीएल के आधार पर यह कहना गलत है कि वह कप्तानी में अच्छा नहीं कर रहे हैं।
राहुल का प्रमोशन क्यों है सही फैसला?
रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे सीनियर खिलाड़ियों के जाने के बाद टेस्ट टीम में अब केएल राहुल सबसे अनुभवी सीनियर खिलाड़ियों में से एक हैं। राहुल इससे पहले तीन टेस्ट मैचों में भारतीय टीम की कप्तानी भी कर चुके हैं। उनके इसी अनुभव और शांत स्वभाव को देखते हुए चयनकर्ताओं ने उन्हें शुभमन गिल का जोड़ीदार बनाने का सही फैसला लिया है। चयनकर्ताओं का यह फैसला काफी हद तक संतुलित माना जा रहा है।
स्टार ऑलराउंडर अक्षर पटेल जिन्होंने भारत के वनडे और टी-20 विश्व कप अभियान में अहम भूमिका निभाई थी उन्हें टेस्ट और वनडे दोनों टीमों से बाहर रखा गया है। उनकी जगह वाशिंगटन सुंदर को तरजीह दी गई है। यह फैसला भी कई क्रिकेट विशेषज्ञों को चौंकाने वाला लगा क्योंकि सुंदर को उनकी आईपीएल फ्रेंचाइजी भी लगातार गेंदबाजी का भरोसा नहीं देती रही है।
खत्म हुआ शमी का क्रिकेट करियर?
टीम इंडिया में वापसी की राह देख रहे अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी को एक बार फिर नजरअंदाज किया गया है। रणजी ट्रॉफी 2025-26 में 67 विकेट लेने और घरेलू क्रिकेट में शानदार वापसी के बावजूद चयनकर्ताओं ने उन्हें तवज्जो नहीं दी। इससे उनके अंतरराष्ट्रीय करियर पर सवाल उठने लगे हैं तो वहीं पूर्व सलामी बल्लेबाज वसीम जाफर ने चयनकर्ताओं के फैसले को बकवास बताते हुए शमी के प्रति असम्मानजक बताया है। अजीत अगरकर की आलोचना करते हुए जाफर ने पूछा कि क्या वह जसप्रीत बुमराह के साथ भी ऐसा करते। उन्होंने कहा कि क्या होगा अगर बुमराह को इंजरी हो जाए और उसके बाद वह वापसी करें? क्या आप उनके साथ भी ऐसा ही करते? शमी भी उसी ब्रैकेट में हैं। जाइए और किसी भी अंतरराष्ट्रीय बल्लेबाज से पूछिए, वे उनको टाॅप पर रखेंगे। उन्होंने भारत के लिए जो योगदान दिया है, ये उसके प्रति अपमान है।
गौरतलब है कि अफगानिस्तान के खिलाफ घरेलू वनडे सीरीज से पहले शमी को दक्षिण अफ्रीका और न्यूजीलैंड के खिलाफ श्रृंखला और उसके बाद हुए टी-20 विश्व कप स्क्वॉड में भी जगह नहीं दी गई थी। बीते दिनों एक पॉडकास्ट में शमी ने संन्यास के सवाल पर कहा था कि वह तभी क्रिकेट से विदा लेंगे जब उन्हें ‘ऊब’ महसूस होने लगेगी लेकिन चयनकर्ताओं के रवैये से यह साफ दिख रहा है कि टीम मैनेजमेंट अब भविष्य की ओर देख रहा है।
शमी के हालिया प्रदर्शन की बात करें तो उन्होंने बंगाल के लिए 2025-26 घरेलू रणजी सीजन में 67 विकेट लेने के बाद आईपीएल में भी ठीक-ठाक प्रदर्शन किया है लेकिन सिलेक्टर्स ने शमी के नाम पर चर्चा तक नहीं की। टीम की घोषणा वाली प्रेस कॉन्फ्रेंस में चीफ सिलेक्टर अजीत अगरकर ने कहा कि शमी वह लगातार डोमेस्टिक क्रिकेट खेल रहे हैं लेकिन हमें बताया गया है कि इस समय वह टी-20 क्रिकेट के लिए तैयार हैं इसलिए उन्हें लेकर कोई चर्चा नहीं हुई। ऐसे में लगता है कि शमी अब कभी टीम इंडिया में वापसी नहीं कर पाएंगे। जिस खिलाड़ी ने भारत को 2023 का विश्वकप जिताया वो अब दोबारा भारतीय टीम की जर्सी में शायद ही खेल पाएगा।
अफगानिस्तान के खिलाफ भारतीय टेस्ट टीम
शुभमन गिल (कप्तान), यशस्वी जायसवाल, केएल राहुल (उपकप्तान), साई सुदर्शन, ऋषभ पंत, नितीश कुमार रेड्डी, वाशिंगटन सुंदर, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, मानव सुथार, गुरनूर ब्रार, हर्ष दुबे और ध्रुव जुरेल।
वनडे टीम: शुभमन गिल (कप्तान), रोहित शर्मा, विराट कोहली, श्रेयस अय्यर (उपकप्तान), केएल राहुल, इशान किशन, हार्दिक पांड्या, नितीश कुमार रेड्डी, वाशिंगटन सुंदर, कुलदीप यादव, अर्शदीप सिंह, प्रसिद्ध कृष्णा, प्रिंस यादव, गुरनूर ब्रार और हर्ष दुबे।