केंद्रीय मंत्रिमंडल में संख्या बल के हिसाब से मंत्रालय चाह रहे नीतीश कुमार भाजपा अध्यक्ष अमित शाह से इन दिनों खासे नाराज बताए जा रहे हैं। उन्होंने अपनी नाराजगी का इजहार बिहार में जद (यू) कोटे से आठ मंत्री बनाकर तो कर ही डाला है, खबर है कि अब वे तीन तलाक के मुद्दे पर राज्यसभा में केंद्र सरकार को झटका देने का मन बना चुके हैं। लोकसभा में सरकार इस बिल को दोबारा पेश कर चुकी है। भाजपा का बहुमत लोकसभा में होने के चलते यह बिल जल्द ही वहां से पास होकर राज्यसभा पहुंचेगा। चर्चा जोरों पर है कि जद (यू) इस बिल का राज्यसभा में विरोध करेगी। पार्टी को इस बिल पर एतराज इस मुद्दे पर है कि एक साथ तीन तलाक बोलने वाले को अपराधी मान पुलिस गिरफ्तार कर सकती है। विपक्षी दलों का तर्क है कि ऐसा करने से परिवार संकट में आ जाएगा। जद (यू) के सूत्रों की मानें तो नीतीश कुमार की पार्टी इस बिल को संसदीय कमेटी के हवाले करने पर जोर देगी। जाहिर है यदि ऐसा होता है तो बिहार की राजनीति में एक बार फिर बड़ी करवट ले सकती है।
नीतीश के बदलते तेवर

