कर्नाटक एक बार फिर गहरी राजनीतिक अस्थिरता के भंवर में फंस चुका है। कांग्रेस और जनता दल (सेक्यूलर) की गठबंधन सरकार को तेरह विधायकों के इस्तीफे ने खतरे में डाल दिया है। यदि ये इस्तीफे स्पीकर द्वारा स्वीकार कर लिए जाते हैं तो वर्तमान विधानसभा में गठबंधन और भाजपा के विधायकों की संख्या बराबर हो जाएगी। जैसा की खबरें आ रही हैं जनता दल के कई अन्य विधायक भी पार्टी छोड़ने की राह पर है। यदि ऐसा होता है तो भाजपा का राज्य विधानसभा में बहुमत हो जाएगा। दरअसल गत् विधानसभा चुनाव में यूं तो भाजपा सबसे बड़े दल के तौर पर उभरी थी ओर राज्यपाल की मदद से उसे सरकार बनाने का मौका भी मिला लेकिन सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप चलते सदन में बहुमत के लिए उसे वक्त ना मिल सका कि वह जद(सेक्यूलर) और कांग्रेस के विधायकों को तोड़ सके। आरोप तब भी भाजपा नेतृत्व पर खरीद-फरोखत के लगाए गए थे। वर्तमान में जिन विधायकों ने इस्तीफा दिया है इनमें से कई की निष्ठा पहले से ही शक के दायरे में थी। पूर्व सीएम येदियुरप्पा लगातार प्रयासरत थे कि येन-केन प्रकारेण सरकार बना ली जाए।
‘‘सरकार को कोई खतरा नहीं है। सभी कैबिनेट मंत्री इस्तीफा दे चुके हैं। जो विधायक असंतुष्ट हैं उन्हें समझाया जा रहा है। कई वरिष्ठ विधायकों को मंत्री पद भी दिया जा सकता है। कर्नाटक की जनता के जनादेश को भाजपा खंड़ित करने का प्रयास कर रही है लेकिन उसे सफलता नहीं मिलेगा।’’
संतोष लाडवरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं पूर्व श्रम मंत्री, कर्नाटक
इसके लिए पहले ‘आपरेशन लोटस्’ शुरू किया गया। कर्नाटक में तब हाई बोल्टेज ड्रामा देखने को मिला जब सत्तापक्ष गठबंधन के कई विधायक यकायक ही लापता हो गए। कांग्रेस और जद(सेक्यूलर) ने तब भाजपा पर करोड़ों रूपये देकर विधायकों की खरीद-फरोख्त का आरोप लगाया था। बहरहाल वर्तमान संकट के पीदे एक बड़ा कारण कुमारस्वामी द्वारा भ्रष्ट अफसरों की जांच के एक एसआईटी बनाया जाना है। इस एसआईटी की जांच के जद में अफसरों के साथ-साथ कई राजनेता भी फंसते नजर आ रहे है। मुख्यमंत्री कुमार स्वामी इस दौरान विदेश दौरे पर थे। वे अपना दौरा बीच में रद्द कर बैंगलोर लौट आए हैं। अब कांग्रेस और जद(सेक्यूलर) के बड़े नेता प्रयास कर रहे हैं कि बागी विधायकों को मंत्री पद देकर मनाया जाए लेकिन मुंबई के एक पंच सितारा होटल में शरण लिए थे विधायक कत्तई भी घर वापसी के लिए तैयार नहीं है। कुल मिलाकर कर्नाटक में सरकार का जाना और भाजपा की सरकार बनाना तय लग रहा है।


