दिल्ली यूनिवर्सिटी में वीर सावरकर की प्रतिमा की स्थापना का मामला अब धीरे -धीरे सियासी मुद्दा बनता जा रहा है। अब हाल ही में इस विवाद में शिवसेना अध्यक्ष भी कूद पड़े है ,23 अगस्त शुक्रवार को शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे द्वारा वीर सावरकर का अपमान करने वालों को सरेआम चौक पर पीटने की मांग की गयी।
”जो सावरकर की इज्जत नहीं करते उन्हें सरेआम चौक पर पीटना चाहिए। तब तक उन्हें एहसास नहीं होगा कि देश के आजादी के लिए किसने किस हद तक त्याग किया है। ” उद्धव ठाकरे ने कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी पर भी निशाना साधा। -शिवसेना अध्यक्ष,उद्धव ठाकरे
उद्धव ठाकरे ने कहा कि पिछले दिनों राहुल गांधी ने भी वीर सावरकर का अपमान किया था। गौरतलब है कि पिछले दिनों एक रैली को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा था कि जब अपनी आजादी के लिए वीर सावरकर ने ब्रिटिश सरकार को पत्र लिखा था तो उस दौरान पीएम मोदी कहां थे।
गौरतलब है कि दिल्ली यूनिवर्सिटी के नॉर्थ कैंपस में रातोंरात वीर सावरकर, सुभाष चंद्र बोस और भगत सिंह की मूर्तियां स्थापित करने पर संघ समर्थित छात्र संगठन एबीवीपी और कांग्रेस की छात्र शाखा एनएसयूआई के बीच हाल ही में विवाद हो गया। इसके बाद वीर सावरकर की मूर्ति के चेहरे पर कालिख पोत दी गई थी।इसके एक दिन बाद ही शिवसेना अध्यक्ष का यह विवादित बयान आया है।
धुर-दक्षिणपंथी शिव सेना शुरू से वीर सावरकर के सम्मान को लेकर संवेदनशील रही है। 2004 में जब तत्कालीन पेट्रोलियम मंत्री मणि शंकर अय्यर ने स्वतंत्रता सेनानी का अपमान किया था, और कांग्रेस ने सावरकर के कथनों वाली पट्टिका अंदमान की सेल्युलर जेल से हटाई थी, तो तत्कालीन शिव सेना सुप्रीमो बाला साहेब ठाकरे ने इसके विरोध में ‘जूते मारो अभियान’ शुरू किया था। इसमें शिव सैनिकों ने अपने-अपने पैरों के जूते-चप्पल निकाल कर मणि शंकर अय्यर के पुतले को मारे थे। उस समय अय्यर की आलोचना करते हुए बाला साहेब ने कहा था कि अय्यर को सावरकर का योगदान मालूम ही नहीं है- न केवल सावरकर ने मदनलाल ढींगरा (जिन्होंने इंग्लैण्ड में रहते हुए सर विलियम हट नामक अँगरेज़ अफ़सर को मौत के घाट उतार दिया था) का मार्गदर्शन किया था, बल्कि नेताजी बोस और डॉ. अंबेडकर ने भी विभिन्न अवसरों पर उनकी सलाह माँगी थी।