
बताया जाता है कि इन दोनों महिला खिलाड़ियों ने अपनी नौकरी के लिए कविता व बबीता ने नौकरी के लिए हाईकोर्ट में केस किया था। अधिकारियों का कहना है कि उनकी नियुक्ति हाईकोर्ट के आदेश पर हुई हैं।
दूसरी तरफ वल्ड कप, एशियन गेम, एशियन चैंपियनशिप, सेफ गेम में गोल्ड मेड़ल जीतने वाले सुरेश कुमार 2006 से नौकरी के लिए प्रयास कर रहे हैं, लेकिन उनकी खेल कोटे में कोई सुनवाई नहीं हो रही हैं। सुरेश हिसार के गांव चमारखेड़ा के रहने वाले हैं। उन्होंने कहा कि ” पता नहीं उन्हें कब न्याय मिलेगा। वे हाईकोर्ट तक गए थे। इसी 1 जुलाई को हाईकोर्ट ने 4 सप्ताह में नियुक्ति के आदेश सरकार को दिए। परंतु 28 जुलाई को वह समय भी पूरा हो गया। लेकिन मुझे नौकरी नहीं मिली”। बता दें कि प्रदेश की सत्ताधारी बीजेपी ने इस बार के विधानसभा चुनाव में कुछ खिलाडियों को टिकट दिया था। जिनमें एक बीता फोगाट, दूसरे हाकी प्लेयर संदीप सिंह शामिल हैं। संदीप को पिहोवा से विधायक का टिकट मिला, और जीतकर हरियाणा सरकार में खेल मंत्री के पद पर हैं। बबीता फोगाट को भिवानी के चरखी दादरी से टिकट मिला था। लेकिन बबीता बुरी तरह से हार गई थीं।

