
कुमारस्वामी ने साथ ही कहा कि इस आरोप से उन्हें असहनीय दर्द हुआ है। जद(एस) नेता ने यह भी कहा कि उनका नाम बेवजह मामले से जोड़ा जा रहा है और संत उनके लिए मार्गदर्शक हैं।
कुमारस्वामी ने एक ट्वीट में कहा कि मेरे प्रशासन के दौरान निर्मलानंद स्वामीजी का फोन टैप किये जाने के बारे में खबरें और राजनीतिक नेताओं के बयानों से मेरे दिल को असहनीय दर्द हुआ है। इन सब के अलावा मेरा दर्द इसको लेकर बढ़ गया है कि इस सबसे से शायद स्वामीजी को भी दुख हुआ होगा।

उन्होंने कन्नड़ भाषा में किये कई ट्वीट में कहा कि निर्मलानंद स्वामीजी उनके लिए एक नैतिक समर्थन हैं और उन्होंने सामाजिक कार्यों में उनका मार्गदर्शन किया। स्वामीजी ने उनके लिए भगवान कालभैरव से प्रार्थना भी की। उन्होंने कहा कि क्या मेरे लिए उनके बारे में संदिग्ध कदम उठाना संभव है? बिल्कुल नहीं।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा ने कथित फोन टैपिंग मामले को जांच के लिए पिछले महीने सीबीआई को सौंप दिया था। कई नेताओं ने कुमारस्वामी पर इस मामले में लिप्त होने का आरोप लगाया है। हालांकि, जदएस नेता ने इसका खंडन करते हुए कहा है कि वह किसी भी जांच के लिए तैयार हैं।

याद रहे कि कुमारस्वामी के नेतृत्व वाली कांग्रेस-जद (एस) सरकार के कार्यकाल के दौरान नेताओं और नौकरशाहों के फोन कथित रूप से टैप किये जाने के संबंध में बेंगलुरु के पूर्व पुलिस आयुक्त आलोक कुमार के आवास पर सीबीआई ने बृहस्पतिवार को छापेमारी भी की थी। बहरहाल ,उपमुख्यमंत्री सी एन अश्वत नारायण और राजस्व मंत्री आर अशोक जो वोक्कालिगा समुदाय से ताल्लुक रखते हैं, उन्होंने अदिचुनचुनगिरि मठ के निर्मलानंद स्वामीजी के कथित फोन-टैपिंग का मुद्दा उठाकर पूर्व मुख्यमंत्री और उनके प्रशासन को घेरने का प्रयास किया है।