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कर्नाटक में धर्मगुरु के फोन टेप से गरमाई राजनीति, पहले थे स्मंगलर अब मार्गदर्शक  

कर्नाटक में दिनोदिन नए नए नाटक होते रहते है। शायद यही वजह है कि कर्नाटक को अब लोग नाटक प्रदेश कहने लगे है। फ़िलहाल यहां फोन टैपिंग के मामले में तूल पकड़ लिया है। इसका कारण संत निर्मलानंद स्वामी है। जिनके फोन टैप करने से कर्नाटक की राजनीति में भूचाल आ गया है। दरअसल स्वामीजी के फोन टैपिंग से सत्तारूढ़ पार्टी पूर्व मुख्यमंत्री कुमारस्वामी पर हमलावर हो गई है। बताया जा रहा है कि कुमारस्वामी की सरकार ने यहां तक कह दिया था कि स्वामीजी पर स्मंगलार के आरोप है। जिसके चलते उनके फोन टैपिंग किये गए। लेकिन अब इसका विरोध देख कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बैकफुट पर आ गए है। साथ ही जिस स्वामीजी को पहले कुमारस्वामी सरकार में स्मंगलर बताया जा रहा था उन्हें अब मार्गदर्शक बताया जाने लगा है।
हालांकि कर्नाटक में प्रभावी वोक्कालिगा समुदाय के एक प्रभावशाली संत निर्मलानंद स्वामीजी का फोन पूर्व मुख्यमंत्री एच डी कुमारस्वामी के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार के दौरान टैप किये जाने की खबरों के बीच कुमारस्वामी ने इसमें किसी तरह की संलिप्तता से रविवार को इनकार किया।

कुमारस्वामी ने साथ ही कहा कि इस आरोप से उन्हें असहनीय दर्द हुआ है। जद(एस) नेता ने यह भी कहा कि उनका नाम बेवजह मामले से जोड़ा जा रहा है और संत उनके लिए मार्गदर्शक हैं।

कुमारस्वामी ने एक ट्वीट में कहा कि मेरे प्रशासन के दौरान निर्मलानंद स्वामीजी का फोन टैप किये जाने के बारे में खबरें और राजनीतिक नेताओं के बयानों से मेरे दिल को असहनीय दर्द हुआ है। इन सब के अलावा मेरा दर्द इसको लेकर बढ़ गया है कि इस सबसे से शायद स्वामीजी को भी दुख हुआ होगा।

उन्होंने कन्नड़ भाषा में किये कई ट्वीट में कहा कि निर्मलानंद स्वामीजी उनके लिए एक नैतिक समर्थन हैं और उन्होंने सामाजिक कार्यों में उनका मार्गदर्शन किया। स्वामीजी ने उनके लिए भगवान कालभैरव से प्रार्थना भी की। उन्होंने कहा कि क्या मेरे लिए उनके बारे में संदिग्ध कदम उठाना संभव है? बिल्कुल नहीं।

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा ने कथित फोन टैपिंग मामले को जांच के लिए पिछले महीने सीबीआई को सौंप दिया था। कई नेताओं ने कुमारस्वामी पर इस मामले में लिप्त होने का आरोप लगाया है। हालांकि, जदएस नेता ने इसका खंडन करते हुए कहा है कि वह किसी भी जांच के लिए तैयार हैं।

याद रहे कि कुमारस्वामी के नेतृत्व वाली कांग्रेस-जद (एस) सरकार के कार्यकाल के दौरान नेताओं और नौकरशाहों के फोन कथित रूप से टैप किये जाने के संबंध में बेंगलुरु के पूर्व पुलिस आयुक्त आलोक कुमार के आवास पर सीबीआई ने बृहस्पतिवार को छापेमारी भी की थी। बहरहाल ,उपमुख्यमंत्री सी एन अश्वत नारायण और राजस्व मंत्री आर अशोक जो वोक्कालिगा समुदाय से ताल्लुक रखते हैं, उन्होंने अदिचुनचुनगिरि मठ के निर्मलानंद स्वामीजी के कथित फोन-टैपिंग का मुद्दा उठाकर पूर्व मुख्यमंत्री और उनके प्रशासन को घेरने का प्रयास किया है।

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