असम सरकार ने बढ़ती जनसंख्या पर लगाम लगाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश में अब एक जनवरी 2021 के बाद से दो से अधिक बच्चे वाले व्यक्तियों को सरकारी नौकरी नहीं मिलेगी। इस संबंध में 12 अक्टूबर को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में फैसला लिया गया है। मंत्रिमंडल की बैठक के बाद असम जनसंपर्क विभाग की ओर से इस फैसले के संबंध में एक बयान भी जारी किया गया है।
इसी 15 अगस्त के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले के प्राचीर से बढ़ती जनसंख्या पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा था कि तेजी से बढ़ती जनसंख्या पर हमें आने वाली पीढ़ी के लिए सोचना होगा। उन्होंने कहा था कि सीमित परिवार से परिवार के साथ देश का भी भला होगा।
इसी को आगे बढाने के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल के जनसंपर्क विभाग द्वारा जारी एक बयान में कहा है कि छोटे परिवार के मानक के अनुसार एक जनवरी 2021 से दो से अधिक बच्चे वालों को सरकारी नौकरी नहीं दी जाएगी।
इस नई नीति के तहत यह शर्त सिर्फ किसी को सरकारी नौकरी देते वक्त ही ध्यान में नहीं रखी जाएगी, बल्कि नौकरी के अंत तक सभी को इस नीति के हिसाब से यह ध्यान रखना होगा कि उनके बच्चों की संख्या दो से अधिक ना हो। बच्चों की संख्या दो से अधिक होने पर सरकारी नौकरी से उस व्यक्ति को निकाला भी जा सकता है।
मंत्रिमंडल की बैठक में अन्य मुद्दों पर भी फैसला लिया गया। इसके तहत नई भूमि नीति को भी मंजूरी दी गई जिससे भूमिहीन लोगों को प्रदेश में तीन बीघा कृषि भूमि और मकान बनाने के लिए आधा बीघा जमीन मिलेगी।

