मंदसौर के भोलिया गांव में 12 साल के बच्चे की लाश मिली है। बच्चे का नाम प्रियांशु मालवीय है। बताया जा रहा कि स्कूल में शहीद भगत सिंह और सुखदेव के जीवन पर आधारित नाटक किया गया था। घर आकर खेत में जाकर भगत सिंह बनकर उसका रोल करने लगा। वह फांसी का सीन कर रहा था। खेत में बने टपरे में लगे बांस पर उसने रस्सी कसकर फांसी का फंदा बनाया और फंदा गले में डालकर जोर से कस दिया जिसके चलते प्रियांशु की मौत हो गई।
पुलिस को जानकारी मिलने पर पुलिस घटना स्थल पर पहुंची। वहां उन्हें एक मोबाइल मिला जिसमें स्कूल में हुए भगत सिंह के नाटक के मंचन का वीडियो था। उसी के आधार पर पुलिस और परिवार का अनुमान है कि फांसी का सीन करने के प्रयास में प्रियांशु की मौत हो गई है। हालांकि जांच अभी चल ही रही है।
प्रियांशु ज्ञान सागर स्कूल में पढ़ता था। 1 फरवरी को स्कूल में वार्षिकोत्सव मनाया गया था। जिसमें बच्चों से शहीद भगत सिंह औऱ सुखदेव के जीवन पर आधारित नाटक करवाया गया। प्रियांशु उस नाटक में अंग्रेज सिपाही बना था। फंक्शन अच्छे से निपट गया। कहा जा रहा है कि प्रियांशु को शहीद भगत सिंह का किरदार बहुत प्रभावित किया था। इसीलिए अगले दिन अपने खेत पर भगत सिंह बनकर उसका रोल करने लगा जिससे उसकी मौत हो गई।
ज्ञान सागर स्कूल के प्राचार्य अरुण जैन ने बताया, “प्रियांशु के पिता विनोद मालवीय सरकारी स्कूल में शिक्षक हैं। प्रियांशु तीन भाइयों में सबसे बड़ा था। लेकिन वह स्कूल कम ही आता था। उसके पिता के कहने पर ही हमने उसे नाटक में अंग्रेज सिपाही का रोल दिया था। नाटक में भी फांसी वाला कोई सीन नहीं था। प्रियांशु के मन में यह बात कहां से आई, यह हमारी भी समझ से परे है।”

