कोरोना संक्रमण के कारण लोग पूरी तरह से घरों में बंद गए हैं। कुछ लोगो का कहना है कि लॉकडाउन होने से उनके पास न काम है और न ही उनके पास पैसे हैं जिससे वे खाने-पीने का कुछ समान ला सके। यही वजह है की दिहाड़ी मजदूर अपने घर जाना चाहते हैं। लॉकडाउन के चलते सभी पब्लिक ट्रांसपोर्ट बंद है तो मजदूर पैदल ही घर के लिए निकल गए हैं।
इस समस्या को देखते हुए महाराष्ट्र सरकाकर ने कल रविवार को प्रवासी मजदुरों को आश्वस्त किया है कि सरकार उनकी पूरी तरह से देखभाल करेगी और मूलभूत जरूरतें जैसे खाना-पानी उपलब्ध कराएगी। वेबकास्ट के जरिए बताया कि ‘शिव भोजन योजना’ के तहत 1 अप्रैल से 10 रुपये के नहीं 5 रुपये में खाना मिलेगा। उद्धव ठाकरे ने बताया कि पूरे राज्य में पहले ही 163 केंद्र स्थापित किए जा चुके हैं। जहां पर प्रवासी मजदूरों को खाना और पानी मुहैया कराया जा रहा है।
उन्होंने कहा, ‘‘राज्य उनकी रक्षा करेगा और खाना मुहैया कराएगा लेकिन उन्हें अपने स्थानों को छोड़कर नहीं जाना चाहिए। मैं समझ सकता हूं कि वे चिंतित हैं लेकिन उन्हें नहीं जाना चाहिए। उन्हें संक्रमण के खतरे को बढ़ाने से बचना चाहिए।’’ कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए पहले ही भारत सरकार ने 21 दिन का लॉकडाउन का निर्णय लिया गया था। यह 14 अप्रैल तक जारी रहेगा। इसी वजह से मजदूरों के पास काम नहीं होने के कारण वह अपने पैतृक स्थानों पर लौट रहे है। कई लोग पैदल ही गाँव जा रहे। जबकि कुछ राज्य से बाहर निकलने के लिए सामान के ट्रकों और ट्रैम्पों का सहारा ले रहे हैं लेकिन पुलिस जांच के दौरान पकड़े जा रहे हैं।
कल रविवार को ही स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि 15 ओर मामले सामने आए हैं। जिससे अब महाराष्ट्र में 196 संक्रमण के मामले हो गए है। कल ही मुम्बई से उत्तर प्रदेश जा रही एक ट्रक में 64 लोगों की अवैध ट्रक पकड़ा गया। इसमें ट्रक चला रहे दोनों भाइयों पर केस दर्ज किया गया। साकी नाका पुलिस ने यह जानकारी दी। एक अधिकारी ने कहा, ‘‘ट्रक चला रहे 32 वर्ष के अमजद अली रज्जाक शाह और उसके भाई व वाहन के मालिक मोहम्मद शाह के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। वे उन्हें उत्तर प्रदेश ले जाने के लिए प्रत्येक व्यक्ति से 2,500 रुपये ले रहे थे।’’
जोन एक्स के पुलिस उपायुक्त अंकित गोयल ने कहा कि मजदूरों को छोड़ दिया गया है। जबकि नगर निकाय के अधिकारियों को उन्हें भोजन और अन्य बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराने के लिए कहा गया है। उन्होंने कहा कि हमने भारतीय दंड संहिता की धारा 269 और 188द के तहत मामला दर्ज किया। दोनों को हिरासत में लिया गया है।