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होम क्वॉरनटाइन लोगों को हर एक घंटे भेजनी होगी सरकार को सेल्फी

होम क्वॉरनटाइन लोगों को हर एक घंटे भेजनी होगी सरकार को सेल्फी

भारत में कोरोना वायरस के मामले निरंतर बढ़ रहे हैं। सभी राज्य सरकारें इससे निपटने के लिए हर संभव प्रयास कर रही हैं। सरकार ने लोगों से अपील की है कि जब तक देश में लॉकडाउन है तब तक घरों से बाहर न निकले। लेकिन कई लोग इसका सख्ती से पालन नहीं कर रहे हैं। इसी क्रम में कर्नाटक में लगातार मामले बढ़ रहे हैं जिसे देखते हुए अब राज्य सरकार ने कोविड-19 के कई संदिग्धों को क्वॉरनटाइन कर रखा है।

लेकिन लोग फिर भी इसका पालन नहीं कर रहे हैं जिसे देखते हुए सरकार ने इसके लेकर बेहद कड़ा फैसला लिया है। अभी तक इस वायरस से कर्नाटक में 80 से अधिक संक्रमित लोग सामने आए है। साथ ही तीन लोगों की मौत हो चुकी है। दरअसल, राज्य में कोरोना वायरस से संभावित लोगों को होम क्वॉरनटाइन किया जा रहा है। अब होम क्वॉरनटाइन किए गए लोगों से सरकार ने हर घंटे अपनी सेल्फी भेजने को कहा है। जिससे सरकार को यह जानकारी मिल सके कि ये लोग अपने घर पर ही हैं।

इसके लिए कर्नाटक सरकार के स्वास्थ्य विभाग की ओर से एक मोबाइल ऐप तैयार किया गया है। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री केएस सुधाकर ने बताया, “होम क्वॉरनटाइन किए गए सभी लोगों को हर एक घंटे में अपनी सेल्फी सरकार को एक मोबाइल ऐप के जरिए भेजनी होगी। अगर ऐसा नहीं करते हैं तो उन्हें सरकार के द्वारा बनाए गए क्वॉरनटाइन सेंटर में भेज दिया जाएगा।”

कब भेजनी होगी सेल्फी  

स्वास्थ्य मंत्री केएस सुधाकर ने यह भी स्पष्ट किया है कि रात में जब लोग सोते है उस वक्त उन्हें उन घंटो क फोटो नहीं भेजनी होगी।  उन्होंने कहा, “रात में 10 बजे से सुबह 7 बजे तक इसमें छूट रहेगी, लेकिन सुबह उठने से लेकर सोने तक हर एक घंटे पर सेल्फी भेजनी होगी।”

सेल्फी नहीं तो बड़े क्वारंटाइन सेंटर में होंगे शिफ्ट  

राज्य सरकार की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि सेल्फी या फोटो लेने से पहले क्वारंटाइन लोगों को जीपीएस ऑन करना होगा। फिर सेल्फी या फोटो क्लिक करनी होगी। ताकि सरकार को उनकी लोकेशन का पता चल सके। अगर कुछ भी गलत पाया गया तो उन्हें बड़े क्वारंटाइन सेंटर में शिफ्ट कर दिया जाएगा।

मोबाइल ऐप पर काम जारी

जिस ऐप पर होम क्वॉरनटाइन करने वालों लोगों को सेल्फी भेजनी है। फिलहाल उस ऐप पर अभी काम किया जा रहा है। सरकार को भरोसा है कि अगले हफ्ते तक यह ऐप बनकर तैयार हो जाएगा। होम क्वॉरनटाइन हुए लोगों के भेजे गए फोटो ​का वेरिफिकेशन एक​ वेरिफिकेशन टीम ​करेगी। गलत सेल्फी भेजने वालों को डिफॉल्टर माना जाएगा और उनके खिलाफ एक्शन लिया जाएगा। आंकड़ों के अनुसार, कर्नाटक सरकार की ओर से अब तक 14000 लोगों को होम क्वॉरनटाइन किया गया है।

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