कोरोना वायरस से सबसे अधिक प्रभावित देश इस समय अमेरिका है। वहीं एशिया का सबसे अधिक संक्रमित देश ईरान है। दोनों देश इस वायरस से निजात पाने में जुटे हैं। लेकिन इसी बीच दोनों के बीच तनाव शुरू हो गया है। दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को धमकी दी है कि अगर ईरान के सैनिकों पर किसी तरह का हमला हुआ तो ईरान को भारी कीमत चुकानी होगी।
ट्रंप ने ईरान और ईरानी समर्थित समूहों को चेतावनी दी है कि अगर उनके सैनिकों को किसी तरह की क्षति पहुंचाई गई तो ईरान को अमेरिका की तरफ से सख्त कार्रवाई की लिए तैयार रहना चाहिए। ट्रंप ने इससे पहले एक ट्वीट किया, “जानकारी मिली है कि ईरान या उसके समर्थक इराक में एक योजना के तहत अमेरिकी सैनिकों या संपत्ति पर हमले की तैयारी कर रहा है। यदि ऐसा हुआ तो ईरान इसकी बहुत भारी कीमत चुकाएगा।
Upon information and belief, Iran or its proxies are planning a sneak attack on U.S. troops and/or assets in Iraq. If this happens, Iran will pay a very heavy price, indeed!
— Donald J. Trump (@realDonaldTrump) April 1, 2020
परमाणु डील और प्रतिबंध
अमेरिका ने बीते दिनों ईरान पर अपने प्रतिबंधों को और आगे बढ़ाने का फैसला किया था। अमेरिका ने 2018 में परमाणु डील से अपने को अलग करते हुए ईरान पर कई तरह प्रतिबंध लगा दिए गए थे। उसके बाद से ही दोनों देशों के बीच तनाव और अधिक बढ़ गया। अमेरिकी विदेशी मंत्रालय की प्रवक्ता मोर्गन ऑर्टेगस ने कहा था कि ईरान को परमाणु हथियार रखने की अनुमति कभी नहीं दी जाएगी। उन्होंने बताया कि यूएस ईरान पर अतिरिक्त 60 दिनों के लिए चार परमाणु प्रतिबंधों को नवीनीकृत कर रहा है।
ऑर्टेगस ने कहा कि हम ईरान के परमाणु कार्यक्रम के विकास की बारीकी से निगरानी करेंगे और इन प्रतिबंधों को किसी भी समय समायोजित कर सकते हैं। उस दौरान उन्होंने ट्रंप का भी जिक्र किया और कहा कि जैसा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि ईरान को परमाणु हथियार रखने की अनुमति कभी नहीं दी जाएगी। इसके लिए ऐसे कदम उठाने जरूरी हैं।
ईरानी जनरल की मौत
गौरतलब है कि अमेरिका की ओर से 3 जनवरी को बगदाद के एयरपोर्ट पर एक एयर स्ट्राइक की गई थी जिसमें ईरानी जनरल कासिम सुलेमानी की मौत हो गई थी। इसके बाद से ही दोनों देशों के बीच तनाव अपने चरम पर है। ट्रंप ने हाल में व्हाइट हाउस में ब्रीफिंग के दौरान कहा कि उनके प्रशासन को खुफिया जानकारी मिली है कि ईरान हमला करने की योजना बना रहा है।
पिछले हफ्ते प्रशासन ने 20 ईरानी लोगों पर नए प्रतिबंध लगाए और इराक में शिया मिलिशिया के समर्थन के लिए कंपनियों को उन ठिकानों पर हमले के लिए जिम्मेदार ठहराया, जहां अमेरिकी सेनाएं स्थित हैं। वर्तमान में इराक में लगभग 7,500 गठबंधन सैनिक हैं, जो इस्लामिक स्टेट समूह से लड़ने के लिए अपने इराकी सुरक्षा समकक्षों को सहायता और प्रशिक्षण प्रदान कर रहे हैं।

