दिल्ली का विमानों की आवाजाही वाला इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पार्किंग स्थल बन गया है। वहां 194 विमान पार्किंग में खड़े हैं और यह फुल है। लॉकडाउन से देश में यात्री विमान सेवाएं बंद हैं, जिससे एयरपोर्ट पर न कोई शोर है, न आवाजाही। रोज 700 से अधिक विमानों की आवाजाही दिल्ली एयर पोर्ट पर होती थी।
डीजीसीए में 648 विमान रजिस्टर्ड हैं। इस तरह दिल्ली में ही एक तिहाई से अधिक विमान पार्क हैं। यहां रनवे-2 से सिर्फ कार्गो विमान उड़ान भर रहे हैं। वहीं मुंबई एयरपोर्ट से रोज औसत 980 फ्लाइट का मूवमेंट होता था, मगर अब यहां 100 से अधिक विमान पार्क हैं।
मुंबई एयरपोर्ट पर कुल कर्मचारियों में से फिलहाल 30% यानी करीब 400 लोग ही काम पर आ रहे हैं। इनमें से ज्यादातर मेंटेनेंस और क्लीनिंग स्टाफ है। यह स्टाफ एसी और रनवे की लाइट, आईटी सिस्टम पूरी तरह काम कर रहे हैं या नहीं, इसे रोज जांचता है।
देश में 22 मार्च से अंतरराष्ट्रीय सेवाएं बंद हो गई थीं। उसी दिन दिल्ली में 64 विमान पार्क हो गए। इसके बाद 24 मार्च की आधी रात से सभी घरेलू उड़ानें बंद कर दी गईं। अगर चार्टर्ड विमानों को जोड़ लिया जाए तो दिल्ली में पार्क विमानों की संख्या 250 से अधिक हो जाएगी।
दिल्ली से देश के विभिन्न हिस्सों में अब तक 55 कार्गो विमानों से मेडिकल उपकरण पहुंचाए जा चुके हैं। इसमें एअर इंडिया और इंडिगो के 8 विमान शामिल हैं। मुंबई से भी 4-10 कार्गो विमानों से दवा और मेडिकल उपकरणों की हैंडलिंग हो रही है।
कोरोनावायरस के खिलाफ लड़ाई में वर्ल्ड बैंक ने भारत को 1 अरब डॉलर की आपात मदद को मंजूरी दी है। इस फंड के जरिए कोविड-19 के मरीजों की बेहतर स्क्रीनिंग, कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग और डायग्नोस्टिक्स में मदद मिलेगी। साथ ही व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरणों की खरीदी और आइसोलेशन वार्ड बनाने में भी सुविधा होगी।
इधर, देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या 2 हजार 547 हो गई। इनमें से 191 लोग ठीक हो चुके हैं, जबकि 72 की जान चली गई। गुरुवार को एक दिन में सबसे ज्यादा संक्रमण के 460 मामले सामने आए। इससे एक दिन पहले ही 424 मरीज कोरोना पॉजिटिव मिले थे।

