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ट्विटर पर PM मोदी और राष्ट्रपति कोविंद को फॉलो कर रहा व्हाइट हाउस

ट्विटर पर PM मोदी और राष्ट्रपति कोविंद को फॉलो कर रहा व्हाइट हाउस

एक तरफ पूरा विश्व कोरोना वायरस को मात देने में जुटा है तो वहीं भारत भी इससे निपटने के लिए हरसंभव कदम उठा रहा है। भारत हमेशा से सभी देशों को मदद देता आया है। इस संकट में भारत सभी देशों को हर संभव सहयोग देने का प्रयास कर रहा है।

कूटनीतिक तौर पर अमेरिका के साथ भारत के संबंधों को मजबूती मिली है। इसका स्पष्ट उदहारण है कि व्‍हाइट हाउस के ट्विटर हैंडल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फॉलो किया है। यह एक महत्वपूर्ण बात इसलिए है क्योंकि व्‍हाइट हाउस का ट्विटर हैंडल दुनिया के किसी नेता को फॉलो नहीं करता है।

मोदी एक मात्र नेता जिन्हें फॉलो कर रहा अमेरिका

सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि अब तक व्‍हाइट हाउस की ओर से केवल 19 ट्विटर अकाउंट को फॉलो किया जाता है। जिसमें से 16 अमेरिका के और शेष तीन भारत के हैं। भारत में पीएम मोदी के अलावा पीएमओ इंडिया और भारत के प्रेसि‍डेंट के ट्विटर हैंडल को व्‍हाइट हाउस फॉलो करता है।

कोरोना वायरस के इस संकट में भी भारत सरकार की ओर से अमेरिका समेत दुनिया के कई देशों को हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन दवा की आपूर्ति की गई है। जबकि भारत ने इस दवा समेत अन्य कई दवाओं के निर्यात पर पाबंदी लगा दी थी। लेकिन अब मानवता के लिए हमेशा अग्रणी रहने वाले भारत ने जिन देशों को इसकी आवश्यकता थी, उन्हें इसकी आपूर्ति की।

जिसके बाद दवा प्राप्त होने के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ की थी और आभार जताया था। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने ट्वीट में लिखा था कि असाधारण वक्त में दो महत्वपूर्ण दोस्तों का खास आना जरूरी है। भारत और भारत के लोगों का बहुत शुक्रिया जो उन्होंने हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन की सप्लाई को मंजूरी दी। इस मदद को हम कभी नहीं भूलेंगे।

गौरतलब है कि हाल में भारत सरकार ने कोरोना वायरस के संकट से निपटने के लिए दुनिया के कई देशों को हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन की आपूर्ति की है। जिनमें अमेरिका भी शामिल है। इस बीच पीएम मोदी ने कहा कि भारत कोरोना वायरस वैश्विक महामारी से निपटने में अपने मित्र देशों की हरसंभव मदद करने के लिए तत्पर है।

कोरोना वायरस से इस वक्त सबसे ज्यादा प्रभावित अमेरिका है। यहां अभी तक चार लाख से अधिक लोग संक्रमित हैं और 10 हजार से अधिक मर चुके हैं। ऐसे में कोरोना वायरस महामारी से लड़ने के लिए अमेरिका को हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन की जरूरत थी। जो भारत की ओर से उपलब्ध कराई गई।

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