प्रधान न्यायाधीश ने कहा, ‘मेरा घर मेरा महल है, मुझे मेरे घर में आप कैसे परेशान कर सकते हैं। वकील हो या कोई और आपको मेरे से अप्वाइंटमेंट लेना होगा। मेरा समय मेरा है और मेरी जिंदगी मेरी जिंदगी है।’प्रधान न्यायाधीश जस्टिस दीपक मिश्रा ने गुरुवार को एमसी सीतलवाड़ मेमोरियल लेक्चर में अपनी बात राखी कि व्यक्ति की निजता सर्वोच्च होती है और उसे भंग नहीं किया जाना चाहिए। जस्टिस दीपक मिश्रा ने कहा, वह हमेशा मानते हैं कि निजता एक संवैधानिक अवधारणा और एक ऐसा क्षेत्र है जहां मानवाधिकार और उनका कार्यान्वयन संवैधानिक अधिकारों से टकराते हैं
You may also like
Latest news
1984 सिख दंगे से जुड़े एक मामले में दिल्ली हाई कोर्ट की डबल बेंच सोमवार को फैसला सुनाने जा रही है. सजा सुनाने से...
Read More
Latest news
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को जर्मनी पहुंचे और वहां से मोदी सरकार पर करारा हमला बोला. बुधवार रात जर्मनी के हैम्बर्ग स्थित...
Read More
Latest news
देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) में काफी समय से चल रहे विवाद पर आज सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार...
Read More
Latest news
MeToo कैंपेन के बाद एक्शन में आई मोदी सरकार ने जहां ऐसे मामलों की जांच के लिए कमेटी गठित करने का फैसला लिया है,...
Read More
Latest news
विवादित राफेल सौदे को लेकर आज संसद में कैग की रिपोर्ट पेश किए जाने की संभावना है. लेकिन इस बीच नियंत्रक और महालेखा परीक्षक...
Read More
Latest news
जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की है कि वो कश्मीर में ख़ूनख़राबा रोकने के लिए पीटीआई प्रमुख...
Read More