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पश्चिमी बंगाल को फतह करने का प्रण पूरा कर पाएंगे नड्डा ?

बिहार विधानसभा में मिली अप्रत्याशित विजय से भाजपा ‘ओवर कॉन्फिडेंस’ में आ गई है। शायद यही वजह है कि अब पार्टी पश्चिमी बंगाल पर फतह करने का ख्वाब सजोए हुए है। गत दिनों ममता बनर्जी की पार्टी को छोड़कर कई बड़े नेता भाजपा का रुख कर चुके है। ममता सरकार में मंत्री रहे उनके खासमखास शुभेंदु अधिकारी के भाजपा में जाते ही कई विधायक ममता का साथ छोड़ चुके है। शुभेंदु अधिकारी ऐसे नेता है जो पश्चिमी बंगाल की 80 विधानसभा सीटों को प्रभावित करते है। उनके साथ ही सत्तासीन ममता बनर्जी के 11 विधायक और एक सांसद उनका दामन छोड़ भाजपा के पाले में आ गए है। हालाँकि इसके पीछे पार्टी के अध्यक्ष जे पी नड्डा की मेहनत को कारगर माना जा रहा है। फिलहाल नड्डा पश्चिमी बंगाल को फतह करने के लिए पूरी जान लगा रहे है। नड्डा मिशन पश्चिमी बंगाल को लेकर सक्रिय है। शायद यही वजह है कि नड्डा ने पार्टी में आज पुरे हुए अपने एक साल पर पहली सालगिरह पर पश्चिमी बंगाल को फतह करने का प्रण लिया है। क्या पश्चिमी बंगाल को फतह करने का प्रण पूरा कर पाएंगे नड्डा ?
जे पी नड्डा 2019 में भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष बने। पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष रहते हुए भाजपा के प्रदर्शन की बात करें तो जुलाई 2019 के बाद तीन राज्यों में चुनाव हुए। ये तीन राज्य थे महाराष्ट्र, हरियाणा और झारखंड । जिनमे महाराष्ट्र में उनकी पार्टी सबसे बड़ी पार्टी बनकर तो उभरी लेकिन सहयोगी शिवसेना के साथ बात न बन पाने पर उसे सत्ता से बाहर रहना पड़ा। जबकि दूसरी तरफ शिवसेना ने एनसीपी और कांग्रेस के साथ मिलकर सरकार बनाई थी। झारखंड में तो भाजपा जीत का जादुई आंकड़ा तक नहीं छू पाई।  यहां  भाजपा सत्ता से बाहर हो गई।
इसी तरह हरियाणा में भी भाजपा अपने दम पर सरकार बनाने की स्थिति में नहीं पहुंच पाई। हालाँकि हरियाणा में दुष्यंत चौटाला की जननायक जनता पार्टी के साथ गठबंधन कर भाजपा सत्ता में वापसी कर सकी। जब नड्डा कार्यकारी अध्यक्ष थे तब वह राजनीतिक तौर पर बेहद महत्वपूर्ण राज्य यूपी में 62 लोकसभा सीटें दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका में रहे। यूपी में इसी जीत ने नड्डा को पार्टी के अध्यक्ष के रूप में ला खड़ा किया। अध्यक्ष बनते ही उनके सामने दिल्ली विधानसभा के चुनाव थे। लेकिन वहा वह अपना करिश्मा नहीं दिखा पाए। वह दिल्ली चुनाव में महज आठ सीटों तक ही सिमट गए।

फिलहाल, नड्डा मिशन पश्चिमी बंगाल को लेकर सक्रिय है। इस राज्य में इसी साल विधानसभा चुनाव है।  कोलकाता से डायमंड हार्बर की उनकी यात्रा के दौरान गत 10 दिसंबर 2020 को उनके काफिले पर हुए हमले ने पार्टी को पश्चिमी बंगाल में चर्चा में ला दिया।  भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा अपने काफिले पर हुए हमले के करीब एक महीने बाद किसानों को लुभाने के लिए पार्टी की नई मुहिम शुरू करने के उद्देश्य से फिर पश्चिमी बंगाल पहुंचे। उन्होंने पश्चिम बंगााल के पूर्वी वर्द्धमान जिले का दौरा किया। बंगाल में 2021 के विधानसभा चुनाव से पहले उनकी पार्टी राज्य के 73 लाख किसानों के घर-घर पहुंचेगी।

किसानों को साधने के मकसद से पार्टी के ‘‘एक मुट्ठी चावल संग्रह’’ अभियान की शुरुआत करने को नड्डा पश्चिम बंगाल पहुंचे । अपने इस एक दिवसीय दौरे के दौरान वह यहां के एक गांव के किसानों से संवाद करे । पार्टी का दावा है कि ‘एक मुट्ठी चावल संग्रह’ अभियान किसानों के प्रति पार्टी की प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करेगा। इस प्रोग्राम के तहत नड्डा ने जगदानंदपुर गांव में ही एक किसान परिवार के घर दोपहर का भोजन किया। 10 दिसंबर को उनके काफिले पर हुए हमले के बाद नड्डा की यह पहली पश्चिमी बंगाल यात्रा है।

भाजपा अध्यक्ष नड्डा अब मिशन बंगाल के तहत रथ यात्रा निकालेंगे। इसके तहत बंगाल के हर विधानसभा क्षेत्र में परिवर्तन रथ यात्रा निकाली जाएगी। बताया जा रहा है कि पांच फरवरी से  शुरू होने वाली इस रथ यात्रा में 294 विधानसभा क्षेत्रों में परिवर्तन यात्रा की जाएगी। जिसका शुभारंभ भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा करेंगे। चर्चा है कि मिशन पश्चिमी बंगाल के तहत गृह मंत्री अमित शाह 10-11 फ़रवरी को बंगाल का दौरा कर सकते है।

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