सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम फैसले में कहा है कि तलाक के बाद पूर्व पति पर दहेज प्रताड़ना का मुकदमा नहीं किया जा सकता। जस्टिस एएस बोबडे की पीठ ने कहा, शिकायतकर्ता ने खुद माना है कि उनका चार वर्ष पहले तलाक हो चुका है। ऐसे में अभियोजन नहीं चलाया जा सकता।
पीठ ने कहा, धारा 498ए के शुरुआती शब्द यही हैं कि जो भी महिला का पति और उसके रिश्तेदार हैं। इसलिए जब शिकायतकर्ता यह कहकर शिकायत करती है कि तलाक काफी पहले हो चुका है, तो धारा 498ए का मामला नहीं बनेगा।
