राफेल सौदे को लेकर मोदी सरकार और कांग्रेस के बीच खींचतान जारी है. रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने राफेल सौदेपर पूर्व रक्षा मंत्री एके एंटनी के आरोपों पर मंगलवार को जवाब दिए. सीतारमण ने हिन्दुस्तान एरोनॉटिकल्स लिमिटेड की क्षमता पर कहा कि राफेल डील यूपीए के शासनकाल में नहीं हो सकी थी और न ही दसॉल्ट और एचएएल के बीच उत्पादन को लेकर सहमति बन सकी थी. इस वजह से एचएएल और राफेल के बीच साझेदारी नहीं हो सकी. यूपीए को जवाब देना चाहिए कि वे एचएएल या भारतीय वायुसेना के हितों का ख्याल क्यों नहीं रख सके.