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राजस्थान में माकन की रायशुमारी के बाद अब सीएम गहलोत की डिनर डिप्लोमेसी

राजस्थान कांग्रेस में पिछले  एक साल से चला आ रहा आपसी विवाद अब अंतिम चरण में है। राजस्थान के कांग्रेस प्रभारी अजय माकन इस विवाद को सुलझाने के लिए प्रयासरत हैं। यह विवाद प्रदेश के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और डिप्टी सीएम रहे सचिन पायलट के समर्थकों के बीच है। पिछले साल कोरोना काल में सचिन पायलट के समर्थक 19 विधायकों ने बगावती सुर अपना लिए थे। तब से राजस्थान में विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है।  हालांकि इस विवाद के बाद एक जांच कमेटी बनी थी। पायलट समर्थक विधायकों का आरोप जानने के बाद उसका निर्णय आना था। लेकिन कमेटी 1 साल बाद ही कोई निर्णय नहीं दे पाई।
 फिलहाल, इस मामले में अजय माकन तल्लीनता से जुड़े हुए हैं। वह चाहते हैं कि पायलट और गहलोत के बीच बनी खाई खत्म हो। माकन पिछले 2 दिनों से राजस्थान के कांग्रेसी विधायकों का फीडबैक ले रहे हैं। जिसमें अधिकतर का मानना है कि प्रदेश सरकार में मंत्री अपनी मनमानी कर रहे हैं। वह किसी की सुन नहीं रहे हैं। राजस्थान में कांग्रेस विधायकों द्वारा ज्यादातर मंत्रियों का विरोध सामने आ रहा है। इन सबका डाटा बनाकर अजय माकन पार्टी हाईकमान के समक्ष रखेंगे। उसके बाद पायलट समर्थक विधायकों का भविष्य तय होगा।
 कहा तो यह जा रहा है कि पायलट को मनाने के लिए उनके समर्थक विधायकों को मंत्री बनाया जाएगा। फिलहाल राजस्थान सरकार में 22 मंत्री हैं। अगर देखा जाए तो प्रदेश में मंत्रालय विस्तार किया जाना है। जिसमें करीब छह मंत्री और बनाए जाने हैं। चर्चा है कि सचिन पायलट के इनमें से चार मंत्री बनने पर मुहर लग चुकी है। बाकी के दो मंत्री में से एक बसपा से आए 6 विधायकों में से बनाया जाएगा। जबकि एक निर्दलीय विधायक को मंत्री बनाने की चर्चा है।
 अजय माकन की रिपोर्ट अगर सही निकली तो यह भी हो सकता है कि वर्तमान मंत्रालय में से भी कई मंत्रियों की छटनी हो सकती हैं। इनमें पहले निशाने पर प्रदेश के शिक्षा मंत्री और कांग्रेस के प्रदेश मुखिया गोविंद सिंह डोटासरा है। गोविंद सिंह डोटासरा पर आरोप है कि वह कांग्रेस के एक व्यक्ति दो पद के सिद्धांत पर खरा नहीं उतरते हैं। जबकि पूर्व में कांग्रेस के ही नेता एक व्यक्ति दो पद के सिद्धांत पर सचिन पायलट को घेरते रहे हैं।
 फिलहाल गोविंद सिंह डोटासरा अपने रिश्तेदारों के आरएएस परीक्षा में ज्यादा नंबर आने को लेकर भी विवादास्पद है। विपक्ष ने उन पर आरोप लगाया है कि उन्होंने अपने रिश्तेदारों को बहुत अधिक नंबर दिला कर आरएएस के इंटरव्यू पास करा दिए है ।इसके साथ ही डोटासरा पर अपने समधी को भी नियम विरुद्ध शिक्षा विभाग में पदोन्नति कराने का मामला सामने आ रहा है।
शिक्षा मंत्री डोटासरा के अलावा जो दूसरे मंत्री विधायकों के निशाने पर हैं वह रघु शर्मा हैं। रघु शर्मा फिलहाल प्रदेश में गृहमंत्री हैं। उन पर आरोप है कि वह विधायकों के काम नहीं करा रहे हैं। अजय माकन ने पिछले दो दिनों में प्रदेश के सभी 115 विधायकों के मन टटोले हैं। उन्होंने सभी विधायकों की रायशुमारी ली है। उसके बाद जो रिपोर्ट बनेगी उसके आधार पर मंत्रिमंडल विस्तार होना तय है।
लेकिन वहीं दूसरी तरफ मुख्यमंत्री अशोक गहलोत डिनर डिप्लोमेसी की तैयारियों में जुट गए हैं । बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत अपने विरोधी विधायकों को अपने घर बुलाकर डिनर  का निमंत्रण भेज चुके हैं। इनमें सचिन पायलट के समर्थक विधायक भी शामिल बताए जा रहे हैं । डिनर डिप्लोमेसी के जरिए राजनीति के जादूगर अशोक गहलोत अपनी सियासी पारी को मजबूती देने के लिए रणनीति बनाने में जुट गए हैं।

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