समाजवादी पार्टी के प्रमुख महासचिव राम गोपाल यादव से पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव इन दिनों दूरी बनाए हुए हैं। सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव के चचेरे भाई रामगोपाल को अखिलेश का राजनीतिक सलाहकार और गुरु कहा जाता है। यादव परिवार में चले घमासान के दौरान रामगोपाल ने भतीजे अखिलेश का साथ दिया था। लोकसभा के लिए हुए उपचुनावों में सपा- बसपा के मध्य गठबंधन कराने में रामगोपाल ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। अब लेकिन उनके संबंध अखिलेश संग उतने करीबी नहीं बताए जा रहे हैं। पार्टी सूत्रों का कहना है कि गत् सप्ताह लखनऊ में सपा- बसपा गठबंधन की औपचारिक घोषणा के समय रामगोपाल का प्रेस कांफ्रेंस में उपस्थित ना रहना इस तरफ एक बड़ा संकेत है। जानकारों का यह भी दावा है कि रामगोपाल यादव को इन दिनों सपा अध्यक्ष ज्यादा भाव नहीं दे रहे हैं। इसके पीछे एक बड़ा कारण नोएडा के चर्चित यादव सिंह भ्रष्टाचार प्रकरण से रामगोपाल के तार जुड़ने को बताया जा रहा है।
हाशिए पर रामगोपाल