आचार संहिता लगते ही सभी पार्टियों में सीट बंटवारे को लेकर माथा पच्ची चल रही हैं| हाई प्रोफाइल गौतमबुद्ध नगर लोकसभा सीट चर्चा का विषय बानी हुई है| सूत्रों के अनुसार लखनऊ लोकसभा सीट से वर्तमान सांसद एवं गृहमंत्री राजनाथ सिंह गौतमबुद्ध नगर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ सकते हैं| वहीँ इस सीट से मौजूदा सांसद एवं केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा को राजस्थान के अलवर भेजा जा सकता है|बताया जा रहा इसका सबसे बड़ा कारण भाजपा नेतृत्व और स्थानीय आरएसएस इकाइयों द्वारा कराए गया सर्वेक्षण है बताया जाता हैं की शुरआती सर्वेक्षण में गौतम बुद्ध नगर की ग्रामीण आबादी में महेश शर्मा के प्रति गुस्सा था| इस संसदीय क्षेत्र में ग्रामीण इलाकों के विधानसभा क्षेत्र खुर्जा, सिंकदराबाद और जेवर आते हैं और शहरी क्षेत्र में नोएडा और ग्रेटर नोएडा जैसे शहर आते हैं| एक अनुमान के अनुसार गौतमबुद्धनगर लोकसभा क्षेत्र में 19 लाख मतदाता हैं जिसमें से
12 लाख मतदाता ग्रामीण इलाके से आते है और शहरी मतदाताओ की संख्या 7 लाख हैं जिसमें गुज्जर ,जाट ,मुस्लिम के बाद राजपूतों की संख्या सबसे अधिक है सर्वे के अनुसार सांसद जी का ग्रामीण क्षेत्रों के 12 लाख मतदाताओ से जनसंपर्क ना होना ,ग्रामीण इलाकों में विकास कार्य ना होना, गुज्जरो की अनदेखी करना और किसान आंदोलन की जनसुनवाई न करना उनके खिलाफ गया हैं| 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने इस संसदीय क्षेत्र से पांच सीटों पर जीत दर्ज की थी जिसमें एक सीट पर गृहमंत्री राजनाथ सिंह के बेटे पंकज सिंह भी विधायक हैं | महेश शर्मा ने 2014 में यहां से समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी नरेंद्र भाटी को 2,80,212 मतों के अंतर से हराया था और बसपा के प्रत्याशी सतीश कुमार तीसरे स्थान पर थे | चूँकि इस बार समाजवादी पार्टी और बहुजन समाजवादी पार्टी का गठबंधन हो चुका हैं और गौतम बुद्ध नगर बसपा के पास है| यहाँ बसपा ने सतवीर नागर को प्रत्याक्षी बनाया हैं ऐसे में गठबंधन के चलते भाजपा की दिक्क्तों बढ़नी स्वाभाविक हैं संसदीय क्षेत्र का सामाजिक समीकरण हमेशा राजनाथ सिंह के पक्ष में रहा है.| उन्हें 2009 लोकसभा चुनाव में गौतम बुद्ध नगर से चुनाव लड़ने की सलाह दी गई थी, लेकिन उन्होंने गाजियाबाद से चुनाव लड़ा.| 2014 लोकसभा चुनाव में भी पार्टी ने लखनऊ से उन्हें चुनाव लड़वाया,लेकिन इस बार चर्चा हैं कि राजनाथ सिंह गौतम बुद्ध नगर सीट मांग रहे हैं | उधर भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गोपाल कृष्ण अग्रवाल भी इस सीट के लिए अपना दावा ठोक रहे हैं पेशे से चार्टर अकाउंटेंड अग्रवाल को 2014 में इस सीट से टिकट देने का वादा किया गया था लेकिन अंतिम मौके पर पार्टी ने शर्मा को यहां से टिकट दे दिया| पार्टी अब महेश शर्मा को राजस्थान की अलवर सीट से चुनाव लड़वाने की सोच रही है| उनका जन्म अलवर के मनेठी गांव में हुआ था| भाजपा के महंत चंद नाथ ने अलवर से 2014 लोकसभा चुनाव में भंवर जितेंद्र सिंह को 2,83,895 मतों के अंतर से हराया था| हालांकि सांसद नाथ का 2017 में कैंसर की वजह से निधन हो गया था 2018 में हुए उपचुनाव में यह सीट कांग्रेस के करण सिंह यादव के पास चली गयी | राजस्थान भाजपा के एक पदाधिकारी के अनुसार ‘अलवर और अजमेर को छोड़कर 23 सीटों पर संभावित उम्मीदवारों के बारे में आंतरिक चर्चा हुई है. दोनों सीटों पर शीर्ष नेतृत्व फैसला लेगा|
नोएडा में इस बार मुशिकल में हैं महेश शर्मा

