देश में चुनाव की बढ़ती सरगर्मियों के बीच महाराष्ट्र में बड़े सियासी खेल की अटकलें लगाई जा रही हैं। खबरों के मुताबिक कांग्रेस के 12 विधायकों का पार्टी संग ‘मोहभंग’ हो चुका है। भाजपा नेता और पूर्व सीएम देवेंद्र फडणवीस के एक बयान के बाद इस्तीफे की झड़ी लगने की कयासबाजी होने लगी है। गौरतलब है कि लोकसभा चुनाव से पूर्व महाराष्ट्र में भाजपा ने एक बार फिर ऑपरेशन लोटस शुरू कर दिया है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण के साथ उनके वफादार अमर राजुरकर ने भी विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। अब कांग्रेस के कई विधायकों का इस्तीफा भी तैयार बताया जा रहा है। इस बीच उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का ‘आगे-आगे देखो होता है क्या’ वाला बयान सुर्खियों में है। उन्होंने संकेत दे दिया है कि आने वाले दिनों में राज्य में बड़ा राजनीतिक भूचाल आने वाला है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण के इस्तीफे से न केवल कांग्रेस, बल्कि महाविकास आघाड़ी (एमवीए) को भी तगड़ा झटका लगा है। महाराष्ट्र में कांग्रेस की टूट का मतलब महाविकास आघाड़ी का अंत माना जा रहा है। शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) पहले ही दो फाड़ हो चुकी हैं। सूबे में कांग्रेस ही एकमात्र पार्टी थी जिसमें बगावत नहीं हुई थी लेकिन अब कांग्रेस भी सदमे में है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले दिल्ली में पार्टी आलाकमान से मुलाकात कर डैमेज कंट्रोल में जुट गए हैं।

