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कोर्ट की अवमानना करने पर एसबीआई पर चल सकता है केस

सर्वोच्च न्यायालय ने इलेक्ट्रोल बॉन्ड मामले में एक याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि यदि एसबीआई बात नहीं मानती तो अवमानना की कार्यवाई करनी पड़ेगी। सर्वोच्च न्यायालय ने इलेक्ट्रोल बॉन्ड की जानकारी देने के लिए समय बढ़ाने की मांग को ख़ारिज करते हुए स्टेट बैंक ऑफ इंडिया को कड़ी फटकार लगाई है। कोर्ट द्वारा कहा गया कि बैंक ने जानते बूझते हुए आदेश का उलंघन किया है और इसके लिए न्यायालय की अवमानना का केस बैंक के खिलाफ चलाया जा सकता है। सर्वोच्च न्यायालय ने सख्त आदेश देते हुए एसबीआई को कहा है कि 12 मार्च तक इलेक्ट्रोल बॉन्ड से जुडी सभी जानकारी चुनाव आयोग को सौंप दी जाए। पिछले महीने ही सर्वोच्च न्यायालय द्वारा इलेक्ट्रोल बॉन्ड को प्रतिबंध कर दिया गया था। आज सुनवाई के दौरान सर्वोच्च न्यायालय ने एसबीआई के डायरेक्टर को निर्देश दिया कि वो कोर्ट में एक हलफनामा जमा कर बताए कि बैंक ने 26 दिनों में क्या किया। न्यायालय द्वारा कहा गया कि हम नहीं चाहते कि बैंक पर अवमानना का केस चलाया जाए लेकिन अगर बैंक कोर्ट के आदेशों का इसी तरह से अवमानना करता रहा तो मजबूरन अवमानना की प्रक्रिया के लिए मजबूर होना पड़ेगा।

 

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सीजेआई चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली पीठ ने बैंक को आदेश देते हुए कहा कि इलेक्ट्रोल बॉन्ड के आकड़े 15 मार्च को शाम पांच बजे तक वेबसाइट पर पब्लिश कर दिए जाए। गौरतलब है कि इससे पहले न्यायालय द्वारा एसबीआइ बैंक को इलेक्ट्रोल बॉन्ड से संबंधित जानकारी देने के लिए 6 मार्च तक का समय दिया गया था। वहीं बैंक ने समय की मांग करते हुए याचिका डाली थी कि आकड़े इकट्ठे करने और उन्हें क्रॉस चैक करने में समय लगेगा ,इसलिए कोर्ट उनके समय को 30 जून तक बढ़ा दे। सर्वोच्च न्यायालय अनुसार इलेक्ट्रोल बॉन्ड के माध्यम से चंदा देने वालों की जानकारी मुंबई ब्रांच में मौजूद है सिर्फ इसे बाहर निकालना है। कोर्ट अनुसार एसबीआई आदेश दिए हुए 26 दिन हो गए हैं अबतक यह काम हो जाना चाहिए था। सर्वोच्च न्यायालय ने असोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म पर याचिका पर सुनवाई की। मोदी सरकार द्वारा इलेक्ट्रोल बॉन्ड की स्कीम साल 2017 में चलाई गई थी। एडीआर ने मांग की है कि एसबीआई पर अवमानना का केश चलाया जाए। सर्वोच्च न्यायालय द्वारा कहा गया कि खत्म की गई इलेक्ट्रोल बॉन्ड में कहा गया था कि इसे खरीदने वाले की सारी जानकारी उस वक्त देनी होगी जब कोई एजेंसी केश दर्ज करेगी। स्कीम की शर्त अनुसार भी इस बैंक को सारी जानकारी देदेनी चाहिए।

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