आगामी आम चुनाव से पहले नेताओं का दल बदल का खेल पिछले कुछ समय से जोरों पर है। इस दौरान कई बड़े नेता इधर से उधर हो गए हैं। इस बीच राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि महाराष्ट्र कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष संजय निरुपम पार्टी का साथ छोड़ सकते हैं। इन अटकलों को बल मिला हाल ही में कांग्रेस छोड़ने वाले अशोक चव्हाण संग संजय निरुपम की मुलाकात से। कहा जा रहा है कि अगर लोकसभा चुनाव 2024 से पहले वे कांग्रेस में शामिल होते हैं तो यह कांग्रेस के लिए बड़ा झटका साबित हो सकता है। ऐसी अटकलें इसलिए लगाई जा रही हैं क्योंकि निरुपम मुंबई की उत्तर-पश्चिम लोकसभा सीट से चुनाव लड़ना चाहते हैं, जबकि शिवसेना उद्धव गुट ने यहां से अमोल कीर्तिकर को उम्मीदवार घोषित कर दिया है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि अगर कीर्तिकर के नाम पर गठबंधन की ओर से मोहर लगी तो संजय निरुपम भी क्या अशोक चव्हाण और मिलिंद देवड़ा की तरह पार्टी छोड़ देंगे? हालांकि, कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आने वाले अशोक चव्हाण ने इस मुलाकात के बारे में कहा कि निरुपम के साथ मेरी सियासी मुलाकात नहीं थी, मेरे उनके कई साल पुराने संबंध हैं। वहीं शिवसेना उद्धव गुट के नेता अनिल परब ने संजय निरुपम पर निशाना साधते हुए कहा कि निरुपम का लोकसभा सांसद बनने का सपना सपना ही रहेगा,वो चाहें तो बीजेपी से लड़ सकते हैं। मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष वर्षा गायकवाड़ ने इस मुलाकात पर कहा कि जिसे जाना है जाए।
हाथ का साथ छोड़ देंगे संजय?

