बिहार के सीमांचल में एआईएमआई फिर से जड़ें जमाने की कोशिश में है। 2020 के विधानसभा चुनावों में पांच सीटें जीतने वाली पार्टी बाद में टूट का शिकार हुई, लेकिन अब असदुद्दीन ओवैसी नए तेवर में मैदान में हैं। बहादुरगंज से प्रत्याशी की घोषणा और युवाओं को जोड़ने की रणनीति के साथ पार्टी ने सीमांचल में रैलियों की घोषणा की है। महागठबंधन को डर है कि मुस्लिम वोटों में बिखराव की यह शुरुआत हो सकती है तो वहीं भाजपा और जदयू के बीच सीट बंटवारे को लेकर खामोश तनाव चल रहा है। भाजपा अधिक सीटों की मांग कर रही है, वहीं नीतीश कुमार पारम्परिक क्षेत्रों में जदयू की पकड़ कमजोर नहीं करना चाहते। दिल्ली में हुई बैठकें बेनतीजा रहीं और अंदरखाने यह चर्चा जोरों पर है कि क्या यह खिंचाव आगे गठबंधन में दरार ला सकता है?
बिहार में बढ़ती सियासी सरगर्मी

