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कोरोना के बाद अब बिहार में चमकी बुखार की दस्तक, एक बच्चे की मौत

कोरोना के बाद अब बिहार में चमकी बुखार की दस्तक, एक बच्चे की मौत

कोरोना वायरस के बाद अब बिहार में चमकी बुखार ने दस्तक दे दी है। बिहार में कोरोना से संक्रमित मरीजों की संख्या 15 हो चुकी है। रविवार को एक मरीज की मौत हो चुकी है। वहीं चमकी बुखार से एक बच्चे की मौत हो गई है और दो की हालत गंभीर है।

मुजफ्फरपुर स्थित श्री कृष्ण मेमोरियल हस्पिटल एंड कॉलेज (SKMCH) में पिछले तीन दिनों से भर्ती AES पीड़ित बच्चे की रविवार देर शाम मौत हो गई। बच्चे का नाम आदित्य कुमार है। पिता मुन्ना राम बैजूबुजुर्ग गांव के निवासी हैं।

SKMCH के शिशु रोग विभागाध्यक्ष गोपाल शंकर सहनी ने बताया, “आदित्य को तीन दिन पहले यहां भर्ती कराया गया था। इधर, पूर्वी चंपारण की रहने वाली संदिग्ध AES की मरीज सपना कुमारी की स्थिति में काफी सुधार हुआ है।” वहीं अस्पताल अधीक्षक डॉ एसके शाही ने सोमवार को बताया कि दोनों बच्चों में ग्लूकोज की कमी थी। आदित्य को हम नहीं बचा पाएं> लेकिन सपना का इलाज अभी चल रहा है।

सपना अकौना गांव के रूपण सहनी की बेटी है। वो मात्र तीन वर्ष की है। वहीं तीसरा बच्चा शिवम् है। शिवम 8 वर्ष का है। वो मुजफ्फरपुर जिले के फकुली थानाक्षेत्र के विंदेश्वर राय का बेटा है। शिवम् के पिता ने बताया कि स्नान और खाने के बाद बुखार और चमकी शुरू हो गई। उल्टी होने लगी। PHC के डॉक्टर ने SKMCH रेफर कर दिया। ये दोनों फिलहाल SKMCH में भर्ती हैं।

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की हड़बड़ाहट साफ दिख रही है। उन्होंने शनिवार को उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में AES के संबंध में निर्देश देते हुए कहा कि इसकी पूरी तैयारी रखी जाए। लोगों को AES के संबंध में अभियान चलाकर अभी से ही जागरूक करने का अधिकारियों को कहा जाए।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से ये भी कहा है कि SKMCH में बन रहे 100 बेड वाले शिशु गहन चिकित्सा इकाई को जल्द से जल्द तैयार कराया जाए। उन्होंने कहा कि इससे शिशु गहन चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सकेगी।

बता दें कि SKMCH में 100 बेड के PICU वार्ड का निर्माण लॉकडाउन को लेकर रुक गया था। अधिकारियों ने बताया कि ठेकेदार से बातचीत की गई है। उसे प्रशासनिक सहयोग दिया जाएगा। उसे निर्माण कार्य शुरू करने को कहा गया है। साथ ही अधिकारियों ने कहा कि SKMCH में चमकी बुखार से जुड़े सभी संसाधन उपलब्ध हैं। PHC लेवल पर भी PICU वार्ड खोला जा चुका है। PHC के डॉक्टर और पारामेडिकल स्टाफ को ट्रेनिंग दी गई है।

उल्लेखनीय है कि पिछले कई साल से बिहार के कई जिलों मुजफ्फरपुर, गया सहित कई जिलों में AES का कहर यहां के बच्चों पर टूटता रहा है। पिछले साल इस बीमारी से करीब 150 बच्चों की मौत हुई थी। अब इस साल भी चमकी बुखार का प्रकोप शुरू हो गया है। बच्चों के अस्पताल में भर्ती होने का सिलसिला शुरू हो चुका है।

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