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कोरोना संकट के बीच अमेरिका में आया एक और नया संकट

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कोरोनो संकट के बीच में अमेरिका पर अब एक और संकट आ खड़ा हुआ है। यह संकट कोई वायरस नहीं बल्कि सिक्कों का संकट है। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, अमेरिकी बैंक सिक्कों की कमी का सामना कर रहे हैं। इस संकट को दूर करने के लिए अमेरिका के फेडरल रिजर्व बैंक की ओर से जल्द से जल्द सिक्कों की आपूर्ति को बढ़ावा देने को कहा गया है।

जेरोम पावेल जो की फेडरल रिजर्व के चेयरमैन हैं उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा है कि अमेरिका की अर्थव्यवस्था गहरे संकट में जा सकती है। साथ ही उन्होंने कहा कि पुनरोद्धार के समय और उसकी मजबूती को लेकर अनिश्चितता के बीच अर्थव्यवस्था में गंभीर गिरावट की आशंका है।

यह वर्ग इस महामारी से सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है। पावेल का कहना है कि गिरावट जितनी लंबी होगी, अस्थायी नौकरियों में नुकसान और कंपनियों की बंदी भी उतनी ही बड़ी होगी। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि लंबे समय तक बेरोजगार रहने से श्रमिकों का कौशल भी प्रभावित हो सकता है जिससे उनके लिए रोजगार पाने की संभावनाएं भी धूमिल होंगी। आगे पावेल ने कहा यह महामारी छोटे कारोबार क्षेत्रों के लिए बहुत बड़ा खतरा है।

फेडरल रिजर्व चेयरमैन जेरोम पॉवेल ने फाइनेंशियल सर्विसेज कमेटी को बताया कि कोरोना संकट के कारण अर्थव्यवस्था के आंशिक रूप से बंद होने के साथ-साथ अर्थव्यवस्था के माध्यम से सिक्कों के प्रवाह को भी रोक दिया गया है।

कोरोना की वजह से ही यूएस मिंट की ओर से अपने कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए किए गए उपायों के कारण सिक्के का उत्पादन भी कम कर दिया गया है।साथ ही पॉवेल ने कहा, हम मिंट और रिजर्व बैंकों के साथ काम कर रहे हैं और जैसा कि अर्थव्यवस्था फिर से खुलती है हम सिक्कों का चलन तेजी से बढ़ाना शुरू करेंगे।

फेडरल रिजर्व की ओर से बैंकों को बताया गया कि वह आपूर्ति बढ़ाने के लिए मिंट के साथ काम कर रहा है, परंतु जब तक यह सब ठीक नहीं हो जाता है, तब तक यह पेनी, निकल, डिम की संख्या को सीमित करना होगा।

अर्थव्यवस्था को लेकर पावेल ने कहा कि मंदी जितनी लंबी रहेगी रोजगार बाजार और कारोबार को नुकसान भी उतना ही बड़ा होगा. अर्थव्यवस्था में गिरावट जितनी लंबी रहेगी, कम आय वर्ग के लोगों पर उसका असर उतना ही अधिक होगा यह वर्ग महामारी से सबसे अधिक प्रभावित हुआ है। पावेल ने कहा कि गिरावट जितनी लंबी होगी, अस्थायी नौकरियों में नुकसान और कंपनियों की बंदी भी उतनी ही बड़ी होगी।

उन्होंने कहा कि लंबे समय तक बेरोजगार रहने पर श्रमिकों का कौशल प्रभावित हो सकता है जिससे उनके लिए रोजगार पाने की संभावनाएं धूमिल होंगी। उन्होंने कहा कि यह महामारी छोटे कारोबार क्षेत्रों के लिए बड़ा खतरा है।

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