आम चुनाव से ठीक पहले बिहार में राजद को बड़ा झटका लगा। पूर्व सांसद लवली आनंद अपने समर्थकों के साथ राजद को छोड़कर नीतीश कुमार की पार्टी जदयू में शामिल हो गई हैं। जदयू के प्रदेश कार्यालय में आयोजित एक समारोह में पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अट्टयक्ष ललन सिंह ने लवली आनंद को पार्टी की सदस्यता दिलाई। इस मौके पर ललन सिंह ने उनका स्वागत करते हुए कहा कि समता पार्टी के गठन के समय भी ये हम लोगों के साथ थीं और अब फिर से अच्छी जगह आ गई हैं। कहा जा रहा है कि लवली आनंद के जदयू में शामिल हो कर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के उन अहसानों का कर्ज उतार दिया है जो नीतीश ने उनके पति आनंद मोहन पर किए थे। जदयू की सदस्यता ग्रहण करने के बाद लवली ने कहा कि पार्टी उन्हें जो जिम्मेदारी देगी, उसे पूरी ईमानदारी से निभाएंगी। इसके बाद से संभावना जताई जा रही है कि जदयू लवली को शिवहर से उम्मीदवार बना सकती है। इससे पहले बिहार में एनडीए की सरकार बनने के बाद राजद विधायक चेतन आनंद विश्वासमत के दौरान पाला बदलकर एनडीए के खेमे में चले गए थे। गौरतलब है कि राजपूत मतदाताओं को साधने के लिए आरजेडी के साथ सरकार में रहते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पिछले साल बड़ा कार्ड खेला था। कानून में बदलाव कराते हुए आईएएस जी. कृष्णैया हत्याकांड के सजा याफ्ता पूर्व सांसद आनंद मोहन को जेल से रिहा कर दिया था। जेल से रिहाई के बाद से ही आनंद मोहन के जेडीयू में शामिल होने के कयास लगाए जा रहे थे। आनंद मोहन ने कहा था सही मौका आने पर वो नीतीश कुमार का कर्ज उतारेंगे।
आनंद ने उतारा नीतीश का कर्ज!

