हरियाणा विधानसभा चुनाव के लिए सभी राजनीतिक दल पूरे दमखम के साथ मैदान में उतर चुके हैं। इस बार कांग्र्रेस के खेमे में भारी उत्साह तो भाजपा खेमे में हताशा का माहौल स्पष्ट दिखाई दे रहा है। टिकट बंटवारे में असंतुष्ट कई भाजपा नेता पार्टी छोड़ चुके हैं तो कइयों ने खुलकर पार्टी लाइन से हटकर बोलना शुरू कर दिया है। भाजपा आलाकमान स्पष्ट कर चुका है कि सत्ता वापसी के बाद वर्तमान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ही राज्य सरकार की कमान सम्भालंगे। लेकिन दिग्गज नेता अनिल विज ने मुख्यमंत्री पद के लिए अपनी दावेदारी पेश कर भाजपा आलाकमान को असहज करने का काम कर दिखाया है। विज का कहना है कि वे राज्य में सबसे वरिष्ठ भाजपा नेता हैं और प्रदेश की जनता उन्हें बतौर सीएम देखना चाहती है इसलिए यदि पार्टी को बहुमत मिला तो वह सीएम पद के लिए दावेदारी अवश्य करेंगे। विज की इस बयानबाजी से ठीक पहले केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने भी खुद को मुख्यमंत्री पद का दावेदार बता प्रदेश भाजपा भीतर फूट को सामने लाने का काम किया था। खबर गर्म है कि भाजपा आलाकमान अपने इन वरिष्ठ नेताओं से खासा नाराज है और चुनाव बाद इनके खिलाफ कार्यवाही करने का मन बना चुका है।
अनिल विज के बागी तेवर

