वायनाड से सांसद और कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को लोकसभा में प्रश्नकाल को दौरान बैंकिग घोटालों को लेकर सरकार को घेरा। राहुल गांधी ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, “हमारी इकोनॉमी बहुत बुरे दौर से गुजर रही है। हमारी बैंकिंग व्यवस्था काम नहीं कर रही है।बैंक फेल हो रहे हैं। और मुझे लगता है कि मौजूदा वैश्विक हालात की वजह से और बैंक भी डूब सकते हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह बैकों से पैसों की चोरी है।”
सदन में बोलते हुए राहुल गांधी ने पूछा था कि सबसे बड़े पचास विलफुल डिफॉल्टर हिंदुस्तान में कौन-कौन हैं। मुझे कोई जवाब नहीं दिया गया। घुमा फिरा कर कुछ जवाब दिए गए। स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया। प्रधानमंत्री मोदी को घेरते हुए उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री जी कहते हैं कि जिन लोगों ने हिंदुस्तान के बैंकों से चोरी की है, उन लोगों को मैं पकड़-पकड़ कर लाऊंगा। मैंने प्रधानमंत्री जी की सरकार से पचास लोगों के नाम पूछे और मैं फिर पूछता हूं कि इन विलफुल डिफॉल्टर्स के पचास नाम क्या हैं।”
सरकार की तरफ से राहुल गांधी के सवालों का जवाब देते हुए केंद्रीय राज्य वित्त मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा, “2010 से 2014 तक जो ग्रॉस एडवांस दिए गए थे, उनमें से कितने फ्रॉड होते थे, कितने डिफॉल्ट होते थे। वो ग्रॉस एडवांस के 0.64 फीसदी है। ये कम होकर 2018-20 में 0.18 फीसदी रह गए और 2019-20 में कम होकर 0.08 फीसदी रहे गए।”
ठाकुर ने आगे कहा कि ये क्यों हुआ क्योंकि इनके समय औसत ग्रोथ रेट 18 थी जो एडवांस और क्रेडिट दिया जाता था। और फ्रॉड साथ में होते थे। लेकिन हमारी सरकार ने आकर एसेट क्वालिटी रिव्यू करवाने के साथ ही असली एनपीए के आंकड़े देश के सामने रखे. बैंकों का पुन: पूंजीकरण किया गया।
उन्होंने उसके बाद कहा, “वहीं, पचास विलफुल डिफॉल्टर्स की बात की जा रही है, ऐसे लोगों की एक लिस्ट वेबसाइट पर मौजूद है। इसमें छिपाने की बात ही नहीं है। इनकी सरकार के दौरान पैसे लिए गए थे। कुछ लोग अपने किए पापों को दूसरे के सिर मढ़ना चाहते हैं। ये सभी जानकारी वेबसाइट पर मौजूद है। अगर आप चाहते हैं कि नाम पढ़े जाएं तो मैं सारे के सारे नाम पढ़ सकता हूं। मुझे कुछ लोग कह रहे हैं कि पेंटिंग और पोर्ट्रेट पर बात करो कि पेंटिंग किसने बेची और किसको बेची, मैं वो भी कह सकता था कि किसके खाते में पैसा गया और कहां पर गया। लेकिन मैंने ये सब नहीं कहा क्योंकि हम लोग इस पर राजनीति नहीं कर रहे हैं।”
Apparently Priyanka Vadra sold a painting, which she didn’t even own, to Rana Kapoor for a whopping two crore rupees…
This requires some serious talent! pic.twitter.com/dnyAcjTin8
— Amit Malviya (@amitmalviya) March 9, 2020
आपको बता दें कि एमएफ हुसैन की एक पेंटिग तकरीबन दो करोड़ में बेची गई थी। ये पेंटिंग राजीव गांधी की पोट्रेट तस्वीर थी, जिसे एमएफ हुसैन ने बनाया था, जिसे गांधी परिवार ने राणा कपूर को बेचा था। पूरा मामला 2010 का है। पेंटिंग मामले को लेकर बीजेपी आईटी सेल के अध्यक्ष अमित मालवीय ने ट्वीट किया था। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा था कि जाहिर तौर पर प्रियंका वाड्रा ने एक पेंटिंग बेची, जो उन्होंने राणा कपूर को दो करोड़ रुपये में बेची थी। इसके लिए कुछ गंभीर प्रतिभाओं की आवश्यकता है।

