एक दिन पहले ही समाजवादी पार्टी के शीर्ष नेता और पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह ने दो साल बाद रामपुर के सपा सांसद आजम खां के समर्थन में खुलकर सामने आए थे। कल उन्होंने कहा था की भाजपा सरकार उनके खिलाफ साजिशन मामले दर्ज कर रही है। कल तक दर्ज मामलो की संख्या 80 थी जो आज बढ़कर 82 हो गई है। आज आजम खां और पूर्व सीओ सिटी आले हसन खां के खिलाफ रामपुर में मकान तोड़ने, मारपीट और लूटपाट करने की धाराओं में फिर दो मुकदमे दर्ज किए गए हैं। इन पर छह भैंस खोलकर ले जाने का भी आरोप है। शहर कोतवाली में दर्ज इन मुकदमों में सांसद के मीडिया प्रभारी फसाहत अली खां शानू, इस्लाम ठेकेदार, वीरेंद्र गोयल और एसओजी के सिपाही धर्मेंद्र का नाम भी शामिल है। गौरतलब है कि इन आरोपों में अब तक 11 मुकदमे हो चुके हैं।
बताया जा रहा है कि ये दोनों मुकदमे रामपुर के मुहल्ला घोसियान सराय गेट के नासिर और साजिद की तहरीर पर हुए हैं। दोनों का कहना है कि वे मुहल्ले में वक्फ की जमीन पर मकान बनाकर रहते थे। 15 अक्टूबर, 2016 को आजम खां के इशारे पर बाकी आरोपित उनके घर में घुस आए। घर का सामान बाहर फेंक दिया। बच्चों और महिलाओं से बदसलूकी की। इसके बाद उनके मकानों पर बुलडोजर चला दिया। नासिर ने अपने मुकदमे में आठ हजार रुपये, दो तोले सोने के जेवर और चार भैंस खोलकर ले जाने का भी आरोप लगाया है। इसी तरह साजिद ने 20 हजार रुपये, दो तोले जेवर और दो भैंस खोलकर ले जाने का आरोप लगाया है।
उनके खिलाफ अब तक रामपुर के अलग-अलग थानों में करीब 82 मुकदमे दर्ज किए गए हैं। उन पर भू-माफिया तक का टैग भी लग चुका है। जमीन पर कब्जे के एक मामले में सांसद आजम खां की अग्रिम जमानत अर्जी सेशन कोर्ट ने खारिज कर दी है। ऐसे में आजम खां पर गिरफ्तारी का खतरा मंडरा रहा है। इसके साथ ही उनके पुत्र और पत्नी पर भी मामले दर्ज हो चुके है।
आजम खां पर अब तक जो मामले दर्ज हुए है उनमे सबसे पहला विवाद दो शेरों की मूर्तियों का है। ये दोनों मूर्तियां रामपुर क्लब से चोरी हुई थीं। ये मूर्तियां उस दौर की हैं जब रामपुर में नवाबों का शासन था। ये दोनों मूर्तियां जौहर यूनिवर्सिटी में पाई गईं। जबकि दूसरा विवाद मदरसा आलिया की किताबों और फर्नीचर का है। यहां करीब 9 हजार किताबें थीं। अब यहां स्कूल चलता है जिसे आजम खान का ट्रस्ट चलाता है। आरोप है कि बेशकीमती किताबें और फर्नीचर जौहर यूनिवर्सिटी पहुंचा दिया गया।
तीसरा विवाद जमीन से जुड़ा है। 78 हेक्टेयर में बनी इस भव्य यूनिवर्सिटी की 38 हेक्टेयर जमीन पर विवाद है। आरोप है कि इस जमीन को जबरन किसानों से ले लिया गया। यूनिवर्सिटी के लिए तीन बार सर्किल रेट कम कराए गए। आजम खान की अध्यक्षता वाला ट्रस्ट इस यूनिवर्सिटी को चलाता है। इस ट्रस्ट से जुड़ी लोग आजम परिवार के ही हैं। रामपुर में आजम खान ने एक भव्य रिजॉर्ट भी बनवाया है जिसको हमसफर रिजॉर्ट के नाम से जाना जाता है।आरोप है कि इस रिजॉर्ट के लिए सिंचाई विभाग की जमीन पर अवैध कब्जा कर लिया गया।
इसके अलावा हाल ही में हमसफर रिजॉर्ट की एक दीवार को गिराया गया था। इस दीवार में जो ईंटें निकली थीं वो पुरानी थीं। इसको लेकर भी जांच जारी है कि ये ईंटें कहां से निकाल कर यहां लगाई गई थी।

