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गहरे संकट में भाजपा और येदियुरप्पा

बाल यौन शोषण का आरोप

 

देश-समाज में यौन शोषण गहराई से पैर पसारे हुए है। घर से लेकर बाहर, शिक्षा से लेकर खेल तक के क्षेत्र में महिलाएं अपने आपको असुरक्षित महसूस करती हैं। महिलाओं-बच्चियों को सुरक्षित माहौल देने का दम भरने वाले नेता भी कथित तौर पर इनमें लिप्त पाए जा रहे हैं। कर्नाटक की राजनीति सेक्स स्कैंडल और यौन शोषण के चलते देश भर में एक बार फिर चर्चा का विषय बनी हुई है। अभी ज्यादा समय नहीं हुआ जेडीएस नेता प्रज्वल रेवन्ना और उनके पिता एच डी रेवन्ना सेक्स स्कैंडल की चपेट में आ गए थे। कर्नाटक से हाल ही में एक और मामला सामने आ गया है। कथित तौर पर भाजपा के वरिष्ठ नेता और कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा पर बाल यौन शोषण का आरोप लगा है। बीएस येदियुरप्पा के खिलाफ 11 जून को बेंगलुरु के फास्ट ट्रैक कोर्ट में पॉक्सो अट्टिानियम के तहत अरेस्ट वारंट जारी किया गया है

कर्नाटक की राजनीति इन दिनों खासी गमाई हुई है। कारण है भाजपा नेता और पूर्व मुख्यमंत्री येदियुरप्पा पर यौन शोषण का एक गंभीर आरोप। राज्य सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए इसे सीआईडी को सौंप दिया है। 17 वर्षीय किशोरी का यौन शोषण करने के आरोप में सीआईडी द्वारा उन्हें दो बार समन भेजा गया। येदियुरप्पा के वकील ने सीआईडी के सामने पेश होने के लिए एक सप्ताह का समय मांगा था। अपने बचाव के लिए उन्होंने उच्च न्यायलय में याचिकाएं दायर कर अग्रिम जमानत और एफआईआर रद्द करने की मांग की। कर्नाटक उच्च न्यायालय ने 14 जून को आदेश जारी कर कहा कि येदियुरप्पा की गिरफ्तारी और हिरासत की बलपूर्वक कार्यवाही अगली सुनवाई की तारीख तक रोक दी जाएगी। उच्च न्यायालय का यह आदेश येदियुरप्पा के उस पत्र के बाद आया है जिसमें उन्होंने 17 जून को पुलिस के सामने पेश होने की इच्छा जताई थी। सीआईडी ने येदियुरप्पा को 17 जून को पेश होने का आदेश दिया। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार सीआईडी के सामने पेश होने से पहले बीएस येदियुरप्पा ने कहा कि ‘‘मैं सीआईडी के पास जा रहा हूं, मुझे फसाने की साजिश की जा रही है।’’

गौरतलब है कि आपराट्टिाक जांच विभाग (सीआईडी) की स्पेशल जांच टीम ने येदियुरप्पा के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट की मांग करते हुए फास्ट ट्रैक कोर्ट का रुख किया था क्योंकि वह पिछले सप्ताह पूछताछ के लिए उपस्थित नहीं हुए थे। भाजपा वरिष्ठ नेता येदियुरप्पा पर एक 17 वर्षीय लड़की की मां की शिकायत के आट्टाार पर पॉक्सो अट्टिानियम और भारतीय दंड संहिता की ट्टाारा 354। (यौन उत्पीड़न) के तहत मामला दर्ज किया गया है, जिसने आरोप लगाया था कि उसने उसकी बेटी के साथ छेड़छाड़ की थी। वहीं येदियुरप्पा उन पर लगाए गए आरोपों से इनकार करते हुए कहा है कि वह कानूनी तौर पर इस मामले से लड़ेंगे।

वहीं भाजपा वरिष्ठ नेता पर लगे बाल यौन शोषण के इस पूरे मामले को लेकर कर्नाटक सरकार का कहना है कि इस मामले पर नजर बनी हुई है और इस मामले में उचित कार्यवाही की जायेगी। कर्नाटक गृहमंत्री परमेश्वर द्वारा कहा गया है कि यौन उत्पीड़न के मामले में पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा के खिलाफ गैर-जमानती वॉरंट जारी किया गया है। पुलिस मामले से जुड़ी सभी जानकारी हासिल करने में लगी है। इसके अलावा ग्रह मंत्री ने पूर्व मुख्यमंत्री की गिरफ्तारी को लेकर कहा कि ये सब सीआईडी की जांच पर निर्भर करता हैं।

क्या है मामला
नबालिग लड़की की मां द्वारा येदियुरप्पा के खिलाफ सदाशिवनगर पुलिस स्टेशन में 14 मार्च को शिकायत दर्ज करवाई गई थी। शिकायत के आट्टाार पर वरिष्ठ भाजपा नेता के खिलाफ पॉक्सो और आईपीसी की ट्टाारा 354 ए के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। लड़की की मां ने आरोप लगाया है कि यह घटना 2 फरवरी की है, जब वे भाजपा नेता के घर एक मामले में मदद के लिए गए थे। लेकिन भाजपा नेता येदियुरप्पा ने इस आरोप को पूरी तरह से खारिज किया है, साथ ही उन्होंने यह कहा कि यह आरोप निराट्टाार है। येदियुरप्पा के कहने अनुसार एक महिला उनके घर आई थी, वह रोते हुए कह रही थी कि कुछ समस्या है। पूर्व मुख्यमंत्री ने आगे कहा, मैंने उससे पूछा कि मामला क्या है और मैंने खुद पुलिस को फोन किया। कमिश्नर को मामले की जानकारी दी और उनसे उसकी मदद करने के लिए कहा। बाद में महिला मेरे खिलाफ बोलने लगी। मैंने यह मामला पुलिस कमिश्नर के ट्टयान में लाया है। येदियुरप्पा ने कहा वह यह नहीं कहेंगे कि इसके पीछे कोई राजनीतिक मकसद है। इन आरोपों को खारिज करते हुए येदियुरप्पा ने कहा कि वे कानूनी रूप से लड़ेंगे। येदयुरप्पा समर्थक द्वारा एफआईआर कराने वाली महिला पर सवाल उठाए जा रहे हैं। कहा जा रहा है कि यह महिला अभी तक 53 लोगों पर केस कर चुकी है। गौरतलब है कि इस मामले ने तेजी तब और पकड़ी जब पिछले महीने शिकायत दर्ज कराने वाली महिला की लंग्स कैंसर से मौत हो गई। ‘द हिंदू’ की रिपोर्ट के मुताबिक महिला को समय रहते इलाज नहीं मिल सका था। उसकी मौत के बाद अब इस केस की जांच सीआईडी द्वारा तेज कर दी गई।

सेक्स स्कैंडल में फंसे कर्नाटक जेडीएस नेता
गौरतलब है कि पिछले महीने ही चुनाव के दौरान प्रज्वल रेवन्ना और उनके पिता एचडी रेवन्ना को सेक्स स्कैंडल और अपहरण के मामले में 2 मई को गिरफ्तार किया गया था। अपहरण समेत कई आरोपों मे भारतीय दंड संहिता की कई ट्टााराओं समेत मामला दर्ज किया गया है। सेक्स स्कैंडल से जुड़े हजारों वीडियो के सामने आने के बाद महिलाओं की पहचान उजागर हो गई जिससे उन्हें कई दिक्तों सामना करना पड़ रहा है। कुछ महिलाओं ने अपना परिवार तो कुछ ने अपना परिवार समेत घर-गांव छोड़ दिया है। प्रज्वल के खिलाफ पहली एफआईआर 28 अप्रैल को एक महिला की शिकायत के आधार पर दर्ज की गई थी, जिसका परिवार अब अपना घर छोड़ चुका है। पिता एचडी रेवन्ना के अलावा मां भवानी रेवन्ना पर भी आरोप है कि वो महिलाओं की अपहरण करने की मास्टरमाइंड हैं। कर्नाटक की पुलिस टीम एसआईटी ने भवानी रेवन्ना पर आरोप लगाया है कि वो महिलाओं के अपहरण की मास्टर माइंड है। कर्नाटक पुलिस की विशेष टीम एसआईटी के मुताबिक उन्होंने सात महिलाओं का अपहरण किया ताकि प्रज्वल के खिलाफ शिकायत दर्ज होने से रोका जा सके। गौरतलब है कि कर्नाटक के इस सेक्स स्कैंडल को लेकर कर्नाटक सरकार ने प्रज्वल के खिलाफ जांच के लिए एसआईटी गठित की थी। भवानी को इस मामले में 7 जून को गिरफ्तार किया गया है। हाल ही में अग्रिम जमानत को लेकर कर्नाटक हाईकोर्ट द्वारा उन्हें मंजूरी देदी गई है। साथ ही अदालत ने यह निर्देश भी दिया है कि एसआईटी के जांच प्रक्रिया में वो सहयोग करें। इससे पहले 31 मई को विशेष सत्र की अदालत ने उनकी अग्रिम जमानत पाने की याचिका को खारिज कर दिया था। प्रज्वल रेवन्ना के अबतक अलग-अलग लड़कियों के साथ 2500 से ज्यादा वीडियो क्लिप की जानकारी आ चुकी है। जेडीएस नेता प्रज्वल रेवन्ना के खिलाफ करीब तीन अलग अलग केस दर्ज हो चुकें हैं ,फिलहाल वो पुलिस के गिरफ्त में है।

खबरों के अनुसार प्रज्वल के खिलाफ पहला केस 47 साल की नौकरानी के यौन शोषण से जुड़ा है। जिसमें उन्हें दुसरे नंबर के आरोपी पर रखा गया है। इस केस में प्रज्वल रेवन्ना के पिता एचडी रेवन्ना मुख्य आरोपी हैं। दूसरा केस सीआईडी ने रजिस्टर्ड किया है। यह मामला 1 मई को दर्ज हुआ था, इसमें 44 साल की महिला से कई बार दुष्कर्म करने का आरोप प्रज्वल पर लगाया गया है। आरोप किसी और ने नहीं, बल्कि जेडीएस की महिला कार्यकर्ता ने ही लगाया है। तीसरा केस भी दुष्कर्म का है, जो एसआईटी ने दर्ज किया है। इसमें पीड़िता की उम्र 60 साल के आसपास है। तीनों ही मामले आईपीसी की ट्टाारा 376 के तहत दर्ज किए गए हैं। इसके अलावा 354 ठ, 354 सी, 506 के तहत भी केस दर्ज किया गया है।

कर्नाटक राजनीति में सेक्स स्कैंडल

कर्नाटक में पहली बार ऐसा नहीं हो रहा है कि एक आट्टा नेताओं से संबंट्टिात ऐसे मामले आ रहे हो। पिछले कुछ सालों में ऐसे कई सेक्स स्कैंडल के आरोप कर्नाटक नेताओं पर लगते रहे हैं। ऐसे में सवाल उठाया जा रहा है कि कर्नाटक में ऐसी अश्लील वीडियो का इस्तेमाल राजनीति में क्या किसी टूलकिट की तरह है? बीते कुछ सालों में सेक्स स्कैंडल और यौन शोषण से संबंट्टिात कई वीडियो वायरल हुए। जिसमें कुछ फर्जी पाए गए तो कुछ ने कई नेताओं का करियर खत्म कर दिया। येदुरप्पा सरकार में जल संसाट्टान मंत्री रहे रमेश जरकिहोली पर 2021 में नौकरी दिलवाने के नाम पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगा था। इस सेक्स स्कैंडल में नाम आने की वजह से उन्हें मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था। हालांकि विक्टिम ने शिकायत वापिस लेली थी, उसी दौरान यह केस भी बंद हो गया था।

इससे पहले साल 2019 में कर्नाटक के बीजेपी महासचिव और विट्टाायक रह चुके अरविंद लिंबावली का एक लड़के के साथ अश्लील वीडियो सामने आया था। हलाकि यह फॉरेंसिक लैब में फर्जी पाया गया। लेकिन उनका राजनीतिक करियर खत्म हो गया। इसके अलावा साल 2016 में कर्नाटक के सिद्धारमैया सरकार में आबकारी मंत्री एचवाई मेती का अश्लील वीडियो सामने आने के बाद उन्हें अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा। वीडियो में मेती एक महिला के साथ आपत्तिजनक स्थिति में दिखे थे। विक्टिम के शिकायत वापिस लेने के बाद यह केस भी बंद हो गया था। मिडिया रिपोर्ट्स के अनुसार मार्च साल 2013 में बीजपी के तत्कालीन विट्टाायक रघुपति भट्ट का वीडियो सामने आया था। इस वीडियो को लोकल चैनल पर चलाया भी गया था लेकिन विट्टाायक ने इसे फर्जी करार देते हुए अगला इलेक्शन लड़ने से इंकार कर दिया। वहीं साल 2007 में भाजपा विट्टाायक रहे रेणुकाचार्य की एक महिला के साथ किस करते हुए फोटो वायरल हुई थी। तस्वीर में नजर आने वाली महिला ने तत्कालीन विट्टाायक पर सेक्सुअल हैरेसमेंट का आरोप लगाया था। हालांकि विट्टाायक ने इस आरोप का खंडन किया था।

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