लोकसभा चुनाव परिणाम 23 मई को आए और देश में मोदी के नेतृत्व में प्रचंड जीत हुई । लेकिन इसी जीत के बाद भाजपा कार्यकर्ताओ की जान के लाले पड रहे है । पिछले चार दिन में अब तक तीन भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या हो चुकी है । पश्चिम बंगाल में दो भाजपा कार्यकर्ताओं को मौत के घाट उतार दिया गया है तथा उत्तर प्रदेश में एक कार्यकर्ता को दिनदहाड़े गोली मारकर मौत की नींद सुला दिया गया है । उत्तर प्रदेश में मारा गया कार्यकर्ता स्मृति ईरानी के लोकसभा क्षेत्र अमेठी का था और उनका खास आदमी था ।
24 मई को पश्चिम बंगाल के नादिया में टीएमसी छोड़कर भाजपा में शामिल हुए भाजपा कार्यकर्ता संतू घोष की गोली मारकर हत्या कर दी गई है । संतु घोष कुछ दिन पूर्व ही टीएमसी छोड़कर भाजपा में शामिल हुआ था । इसी के साथ पश्चिमी बंगाल के ही एक 25 साल के भाजपा कार्यकर्ता की भी 26 मई को हत्या कर दी गयी ।इस हत्या का आरोप त्रुणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओ पर लगा है । कार्यकर्ता की हत्या के बाद भाजपा कार्यकर्ताओ ने प्रदर्शन किया और आरोपियो की तुरंत गिरफ्तारी की मांग की ।
बताया जा रहा है कि चुनाव परिणाम आने की अगले दिन यानी कि 24 मई से ही पश्चिम बंगाल में भाजपा कार्यकर्ताओं का उत्पीडन शुरू हो गया था । कई जगह से भाजपा कार्यकर्ताओं पर हमले की खबरें आई थी ।
पश्चिमी बंगाल के साथ ही भाजपा कार्यकर्ताओ पर उत्तर प्रदेश मे भी कहर ढहाया गया । 25 मई को उत्तर प्रदेश के अमेठी लोकसभा के गांव बरौलिया पूर्व प्रधान और भाजपा कार्यकर्ता सुरेंद्र सिंह को अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी । उन्हें गंभीर हालत में लखनऊ भेजा गया । जहां उनकी मौत हो गई । लोकसभा चुनाव के दौरान सुरेंद्र सिंह काफी चर्चा में रहे थे । उन्हें स्मृति ईरानी का करीबी माना जाता था । याद रहे कि कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने स्मृति ईरानी पर बरौलिया गांव के लोगों को जूते बांटने का आरोप लगाते हुए इसे अमेठी के लोगों का अपमान बताया था । तब जूता वितरण प्रकरण में सुरेंद्र सिंह काफी चर्चा में रहे थे । यहां यह भी उल्लेखनीय है कि बरौलिया गांव को पूर्व रक्षा मंत्री मनोहर परिकर ने सांसद आदर्श ग्राम योजना के तहत गोद लिया था । सुरेंद्र सिंह की मौत के बाद उनके अंतिम संस्कार में शामिल होने स्मृति ईरानी दिल्ली से वहां पहुंची थी । उनकी अर्थी को कंधा देते हुए स्मृति ईरानी की फोटो सोशल मीडिया पर बहुत वायरल हुई ।