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आतंकियों की मदद,कांग्रेस नेता के भाई समेत 12 के खिलाफ हुआ मामला दर्ज

 जम्मू-कश्मीर में आर्टिकल 370  हटाए जाने के बाद से स्थानीय पुलिस और सेना के जवान घाटी में शांति बनाए रखने के लिए कई बड़े कदम उठा रहे हैं। घाटी में चलाए जा रहे अभियान के तहत कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता के भाई सहित 12 लोगों के खिलाफ जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ मेंआतंकवादी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन  के साथ संबंध होने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है।

देश की सबसे बड़ी पार्टी कही जाने वाली कांग्रेस पिछले कुछ सालों से   चारों तरफ से अपनी  हार के साथ -साथ उसके एक से बढ़कर एक  नेताओं पर आरोपों का पुलिंदा भी थमने का नाम नहीं ले रहा है। पिछले एक महीने में ही पी चिदंबरम,शिवकुमार से लेकर कई नेताओ पर आरोप लगे है। चिदंबरम,शिवकुमार तो अभी तक जेल में हैं।जिससे कांग्रेस चरों तरफ से घिरती जा। अब कांग्रेस के लिए एक और बुरी खबर आई है ,वो भी  ऐसे समय में जब महीनेभर के भीतर हरियाणा ,छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव होने हैं। यह बुरी खबर जम्मू -कश्मीर से आई है। जम्मू कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन से जुड़े होने के आरोप में  कांग्रेस के  एक वरिष्ठ नेता के भाई सहित एक दर्जन लोगों पर दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गईं हैं। इस मामले में 6 लोगों को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी हैं जबकि 6 अन्य की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। जिन 6 लोगों की पुलिस को तलाश है उनमें राज्य कांग्रेस उपाध्यक्ष और पूर्व मंत्री जी.एम, सरूरी का भाई मोहम्मद शफी भी शामिल है।

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इस मामले में सरूरी का कहना है कि  ‘मुझे इसके बारे  (एफआईआर में शफी का नाम में पता चला तो मैं हैरान था। हमारे लोग ऐसी बात कभी नहीं कर सकते। कल मैं यह पता लगाने की कोशिश करूंगा कि क्या मामला है।’वहीं अधिकारियों की मानें तो  शफी और पांच अन्य लोग – मसूद अहमद मट्टू, मोहम्मद मुजफ्फर शाह, गुलाम मोहम्मद, तौसीफ अहमद गंडना और सैयद अहमद – का नाम एफआईआर (संख्या: 229/2019) में शामिल है और उन पर हिजबुल मुजाहिदीन के सक्रिय आतंकवादियों को शरण देने और उनकी आवाजाही की व्यवस्था को अंजाम देने का आरोप है।

इन सभी पर देश के खिलाफ हमले को अंजाम देने और आतंकी साजिश रचने का आरोप है। इसके अलावा मोहम्मद अमीन उर्फ ​​”जहांगीर सरूरी” सहित आतंकवादियों को सुरक्षा प्रतिष्ठानों की जानकारी देने और हमले करने का भी आरोप है। सभी के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 खत्म होने के बाद से ही पाक समर्थित आतंकी संगठन बौखलाए हुए हैं और वो किसी भी तरह से घाटी को अशांत करना चाहते हैं।

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