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अपनी 70वीं वर्षगांठ पर सैन्य ताकत का प्रदर्शन कर सकता है चीन 

चीन कल 1 अक्टूबर को अपना 70वां स्थापना दिवस मनाएगा। चीन में कम्यूनिस्ट शासन की स्थापना के 1 अक्टूबर को 70 साल पूरे हो रहे हैं। चीन अपने कम्युनिस्ट शासन की स्थापना दिवस मनाने के लिए जोर -शोर से तैयारियों में जूटा है। माना जा रहा है कि चीन अपनी अपनी 70वीं वर्षगांठ पर अब तक का सबसे बड़ा सैन्य परेड का आयोजन करेगा। साम्यवादी देश चीन वर्तमान में अपने सबसे बड़े कठिन दौर से गुजर रहा है। अमेरिका के साथ उसके व्यापारिक रिश्ते हिचकोले खा  रहे हैं। हांग -कांग में अपने खिलाफ पिछले कुछ महीनों से जारी भारी विरोध प्रदर्शनों पर वह नियंत्रण पाने में असमर्थ रहा है। और उसकी  सबसे बड़े महत्वकांशी परियोजना (सीपेक ) भी  अधर में लटक गई है। साऊथ चाइना सी को लेकर पडोसी देशों के साथ भी उसके रिश्ते ठीक नहीं चल रहे हैं। ऐसे में वह घरेलू और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी स्तिथि को मजबूत दिखाने और दुनिया को अपनी ताकत का अहसास कराने के लिए कल 1 अक्टूबर को अपने 70वें स्थापना दिवस के मौके पर अपनी ताकत का प्रदर्शन कर सकता है।

चीन ने इसके पहले अपना बड़ा सैन्य प्रदर्शन 2015 में किया था। इस परेड में दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति पार्क गुएन ह्वे और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन शामिल हुए थे। समझा जाता है कि इस बार की परेड में भी दुनिया के कई नेता शामिल हो सकते हैं। हालांकि, इस परेड में दुनिया की कौन सी शक्तियां शामिल हो रही हैं, इसे चीन ने अब तक गोपनीय रखा है, लेकिन इस सैन्य प्रदर्शन से जुड़ी कुछ जानकारियां सामने भी आई हैं। सैन्य परेड के डिप्टी डाइरेक्टर मेजर जनरल कई झिझून के मुताबिक इस परेड में 59 सैन्य दस्ते में  लगभग 15,000 सैनिक, 160 एयरक्रॉफ्ट और 580 सैन्य उपकरण एवं हथियार शामिल हो सकते हैं। इसके अलावा इस परेड में करीब तीन लाख नागरिक हिस्सा लेंगे। बस एक क्लिक में पढ़ें पूरी खबर :

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अपने स्थापना दिवस पर चीन दुनिया को अपनी सैन्य ताकत का अहसास तो कराना चाहता है लेकिन वह सीधे तौर पर अपने इस कदम को ‘डराने या धमकाने वाला प्रदर्शन’ कहे जाने से बचना चाहता है। रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता वु क्वेन का कहना है, ‘पिछले 70 साल में चीन की सशस्त्र सेनाओं के विस्तार से दुनिया भलीभांति परिचित है। हमें अपने सैन्य परेड के जरिए अपनी ताकत का इजहार करने की जरूरत नहीं है। गत 70 सालों में चीन की सेना ने दुनिया में जो अपना योगदान दिया है, विश्व उसका गवाह है। हम जितना ताकतवर होंगे, विश्व शांति में हमारा योगदान उतना ही अधिक होगा।’

सूत्रों की मानें  तो चीन इस परेड में अपने आधुनिक एवं उन्नत हथियारों का प्रदर्शन करेगा। इनमें डीएफ-41 मिसाइल,. जेएल-2 सबमरीन लॉन्च बैलिस्टिक मिसाइल, डीएल-17 मिसाइल, एच-6एन बमवर्षक विमान, डीआर-8 ड्रोन और ड्रोन सबमरीन प्रमुख हैं। डीएफ-41 चीन की सर्वाधिक उन्नत आईसीबीएम मिसाइल है और इसकी मारक क्षमता करीब 7500 मील है। चीन पहली बार इस मिसाइल को दुनिया को सामने ला सकता है। यह मिसाइल अमेरिका के किसी भी हिस्से को निशाना बनाने की क्षमता रखती है। यह मिसाइल अपने साथ 10 न्यूक्लियर वारहेड्स ले जा सकती है।

इस सैन्य परेड का आयोजन बीजिंग के मशहूर थ्येनआनमन चौक पर किया जा रहा है। सैन्य परेड की सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए हैं। बताया जा रहा है कि यह सैन्य परेड करीब 80 मिनट तक चलेगा। परेड की सलामी राष्ट्रपति शी जिनपिंग लेंगे जिसके बाद मार्च पोस्ट होगा और इस मार्च पास्ट में चीन अपने अचूक हथियारों का प्रदर्शन करेगा। चीन के इस सैन्य परेड पर दुनिया भर की नजरें होंगी। जिनपिंग अपने जीवनपर्यंत के लिए चीन के राष्ट्रपति बन गए हैं। वह इस परेड के जरिए अपने देश को यह संदेश भी देना चाहेंगे कि उनके हाथों में इस कम्यूनिस्ट देश का भविष्य सबसे ज्यादा सुरक्षित है।

 

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