अभी पूरी देश कोरोना वायरस से जूझ रहा है। यही वजह है कि अभी पूरे देश को लॉकडाउन किया गया है। आज लॉकडाउन का 43 वां दिन है। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने आज लॉकडाउन के बाद की स्थितियों को लेकर कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक की। बैठक के दौरान मुख्यमंत्रियों ने केंद्र सरकार की ओर से जोन में बाटें जाने पर मनमानी करने का आरोप लगाया। साथ ही कोरोना संकट के मद्देनजर प्लानिंग और पैकेज समेत कई अन्य मुद्दों पर केंद्र की मोदी सरकार को घेरने की रणनीति बनाई गई। साथ ही पंजाब, छत्तीसगढ़, राजस्थान और पुडुचेरी के मुख्यमंत्रियों की तरफ से केंद्र से राहत पैकेज की मांग भी उठाई गई।
Congress President Smt. Sonia Gandhi holds a meeting with Congress Chief Ministers to review how States are tackling COVID19 & the lockdown and assess their needs. pic.twitter.com/Pu6xFpmnJL
— Congress (@INCIndia) May 6, 2020
आर्थिक पुनरुद्धार प्लान पर रणनीति
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा, “जबतक लोगों और राज्यों को आर्थिक पैकेज नहीं मिलेगा देश कैसे आगे बढ़ेगा। हमें 10 हजार करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ है।” उन्होंने आगे कहा कि राज्यों की ओर से कई बार प्रधानमंत्री से पैकेज के लिए आग्रह किया है लेकिन हमारी बात को अनसुना कर दिया गया है। हम निरन्तर पीएम से पैकेज का अनुरोध कर रहे हैं परन्तु अब तक हमें कोई जवाब नहीं मिल पाया है।
वहीं पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने लॉकडाउन पर केंद्र के दृष्टिकोण की आलोचना की। सीएम अमरिंदर सिंह ने कहा, “उन्होंने दो कमेटी का गठन किया है जो लॉकडाउन के झटके और आर्थिक पुनरुद्धार के प्लान पर रणनीति बनाएगी।” सीएम अमरिंदर सिंह की ओर से केंद्र पर हमला बोलते हुए कहा गया, “दिल्ली में बैठे लोग जमीनी हकीकत जाने बिना जोन का वर्गीकरण कर दिया।” इसी क्रम में छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि इस समय सभी राज्य गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। उन्हें तत्काल सहायता प्रदान करने की जरूरत है।
लॉकडाउन के बाद का प्लान
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ मे 80 फीसदी लघु उद्योग फिर से शुरू हो कर दिए गए हैं और लगभग 85,000 श्रमिक काम पर लौट आए हैं। मुख्यमंत्री बघेल ने बताया कि उनके द्वारा केंद्र सरकार को आर्थिक पैकेज के लिए कई पत्र लिखा गया है। बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा, “17 मई के बाद देश में क्या होगा? सरकार ने लॉकडाउन जारी रखने के लिए क्या पैमाना लागू किया है। सरकार के पास लॉकडाउन 3.0 के बाद क्या रणनीति है।”
बैठक में सोनिया गाँधी की ओर से कोरोना काल में देश के विभिन्न हिस्सों में फंसे प्रवासी मजदूरों और कामगारों को वापस लाने के उपायों और कोरोना से उबरने के प्रयासों पर भी चर्चा की गई। इसपर पूर्व पीएम मनमोहन सिंह ने कहा, “सबकी चिंता यही है कि लॉकडाउन 3.0 के बाद क्या होगा। सरकार को बताना चाहिए कि लॉकडाउन के बाद उसके पास क्या प्लान है।” दूसरी तरफ कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि कोविड के साथ लड़ाई में बुजुर्गों, डायबिटिक और हार्ट मरीजों को बचाना जरुरी है। पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने कहा कि राज्यों के सामने वित्तीय संकट गहराता जा रहा है, केंद्र सरकार की ओर से कोई धन आवंटित नहीं किया जा रहा है।

