देश के सबसे पुराने राजनीतिक दल कांग्रेस में इन दिनों कुछ भी ठीक नहीं चल रहा है।भले ही पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी को छह माह तक अंतरिम अध्यक्ष बनाए रखने का फैसला लेकर पार्टी में मचे घमासान को शांत कर दिया गया हो ,लेकिन पार्टी के भीतर जारी घमासान रुकने के बजाए बढ़ता ही जा रहा है। हालात यह है कि एक और लेटर सामने आया है। यह चिट्ठी सोनिया गांधी को उन नौ लोगों ने लिखी है, जिनको अभी कुछ महीने पहले ही पार्टी से निष्कासित किया गया था। चिठ्ठी लिखने वालों में एक सदस्य हैं, पूर्व एमएलसी एवं उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी अल्पसंख्यक विभाग के पूर्व चेयरमैन सिराज मेंहदी।
उन्होंने एक बयान में कहा है कि हम लोगों ने सोनिया गांधी को एक पत्र लिखा है। जिसमें उनसे परिवारवाद को भूलकर कांग्रेसवाद को आगे बढ़ाने की बात कही गई है।
सिराज मेंहदी ने कहा कि हमने कांग्रेस आलाकमान से कार्यकर्ताओं को साथ लेकर आगे बढ़ने की बात कही है।अगर कांग्रेस ही नहीं बचेगी तो परिवारवाद कहां से चलेगा? इसीलिए हम लोगों ने गुजारिश की है कि सोनिया गांधी, पहले कांग्रेस पार्टी को मजबूत करें और जो कांग्रेस पार्टी आज धड़ों में बंटी हुई है, उसे एक करें।
उन्होंने आगे कहा कि जिस कांग्रेस ने इतिहास लिखा आज वही कांग्रेस इतिहास बनने जा रही है। हम लोगों ने सोनिया गांधी से मिलने के लिए समय भी मांगा था, लेकिन समय नहीं मिला। अगर वह हम लोगों से नहीं मिलती हैं तो हम लोग दिल्ली जाकर धरना भी दे सकते हैं। हम लोगों को गलत ढंग से पार्टी से निष्कासित किया गया है। वह उचित नहीं था। कुछ नए लोग और बाहरी लोगों के आने से पुराने लोगों को निकाल दिया गया है।
हम लोग ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के सदस्य थे, ऐसे में हमें उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी कैसे निकाल सकती है? उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी, राष्ट्रीय कांग्रेस को हमें निकालने के लिए रिकमेंड कर सकती थी, ना कि निकाल सकती थी।