Country

दिल्ली में तय है कांग्रेस-आप का गठबंधन

कांग्रेस के कुछ वरिष्ठ नेता आम आदमी पार्टी के संपर्क में है और वे हरियाणा, दिल्ली और पंजाब में हमारा साथ और सहयोग चाहते है। कांग्रेस दिल्ली में हमसे एक सीट मांग रही है। दो जून 2018 को दिल्ली प्रदेश आम आदमी पार्टी के पूर्व अध्यक्ष दिलीप पांडे ने जब उक्त ट्वीट किया तो राजनीतिक गठबंधन की इस चर्चा से विपक्षी दल भाजपा के वातानुकूलित कार्यालय में पारा बढ़ गया था। हालांकि अब नवंबर के माह में सर्दियों की आहट के साथ ही आम आदमी पार्टी और कांग्रेस में आगामी लोकसभा चुनावों में गठबंधन का रास्ता लगभग तैयार है। गत दिनों कांग्रेस की सीडब्ल्यूसी की कमेटी में दिल्ली में 2019 के लोकसभा चुनावों को लेकर गठबंधन पर हुई चर्चा से इसको बल मिल रहा है। दिल्ली के साथ ही पंजाब और हरियाणा में दोनों पार्टियां संयुक्त रूप से चुनाव लड़ेगी या नहीं फिलहाल यह मामला न्यूट्रल कर दिया गया है। बहरहाल कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के लिए चुनौती इस बात को लेकर है कि 2020 में दिल्ली के विधानसभा चुनाव होने है। ऐसे में हो सकता है फिर से दोनों पार्टियां पूर्व की भांति आमने-सामने होगी। 2015 में केजरीवाल सरकार बनने के बाद दिल्ली में राजोरी गार्डन एवं बवाना विधानसभा उपचुनावों में तथा नगर निगम की 13 सीटों और नगर निगमों के चुनाव में कांग्रेस और आप का वोट फीसद बहुत आस-पास रहा था। इससे कयास लगाई जाने लगे हैे कि अगर दोनों ही पार्टियां गठबंधन कर ले तो राजनीतिक नुकसान से बच सकती है। इससे जहां दोनों को लोकसभा चुनावों में बढ़त मिल सकेगी तो भाजपा के लिए यह गठबंधन नुकसान दायक साबित होगा। आप और कांग्रेस के गठबंधन के सबसे बड़ी मुश्किल कांग्रेस के उन वरिष्ठ नेताओं के सामने आ रही है जो अपनी परंपरागत सीट छोड़ने को तैयार नहीं है। चैंकाने वाली बात यह है कि कांग्रेस के दो कद्दावर नेता दोनों पार्टियों के गठबंधन में सबसे ज्यादा रूची ले रहे है। इनमें से एक है दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित तो दूसरे है अजय माकन। शीला दीक्षित को गम यह है कि उनकी राजनीतिक विरासत संभाल रहे उनके पुत्र संदीप दीक्षित का भविष्य अस्त होता दिख रहा है। जिसके लिए शीला दीक्षित चैपड बिछा रही है। इसमें उन्हें सफलता भी मिलती दिख रही है। सूत्रों की माने तो आप आदमी पार्टी कांग्रेस के लिए दिल्ली की सात लोकसभा सीटों में से दो को छोड़ सकती है। जिनमें एक पूर्वी दिल्ली होगी और दूसरी मध्य दिल्ली। पूर्व दिल्ली से संदीप दीक्षित तो मध्य दिल्ली से अजय माकन को दोनों पार्टियों का संयुक्त उम्मीदवार बनाने पर सहमति लगभग बन चुकी है। गौरतलब है कि आम आदमी पार्टी ने दिल्ली में आगामी लोकसभा चुनाव के मद्देनजर सात में से पांच सीटों पर अपने उम्मीदवारों की घोषणा भी कर दी है।

Leave a Comment

Your email address will not be published.

You may also like