लोकसभा चुनाव 2019 के महासमर में चुनाव प्रचार के दौरान नेताओं की आक्रामक बयानबाजी पर चुनाव आयोग की सख्ती के बाद भी आपत्तिजनक बयानबाजी जारी है। सोमवार को चार बड़े नेताओं पर आयोग ने कार्रवाई की थी । इनमें यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ, सपा नेता आजम खान, केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी और बसपा सुप्रीमो मायावती के नाम शामिल हैं। सीएम योगी और आजम खान के प्रचार करने पर 72 घंटे जबकि मेनका गांधी और मायावती के चुनाव प्रचार करने पर 48 घंटे की पाबंदी लगाई गई थी । इन चरों पर पाबंदी लगने के बाद चुनाव आचार संहिता उल्लंघन के आरोप में बिहार के कटिहार में कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
इसके चलते अब उनपर भी चुनाव आयोग की कार्रवाई की तलवार लटक गई है। कटिहार में रैली के दौरान सिद्धू ने विवादास्पद बयान दिया था।रैली में उन्होंने बयान दिया था- यहां जात-पात में बाँटने की राजनीति हो रही है। मैं अपने मुसिलम भाइयों को अपनी बात कहने आया हूं ,यह एक ऐसी सीट है जहां आप अल्पसंख्यक नहीं बहुसंखकयक हो। भाजपा के षडयंत्रकारी लोग आपको रोकने का प्रयास करेंगे। ये आपके वोट को बाँटने का प्रयास करेंगे। आप इकठ्ठे रहे तो कांग्रेस को दुनिया की कोई ताकत हरा नहीं सकेगी । मैं आपको चेतावनी देने आया हूं मुसिलम भाइयो। ये आपको बाँट रहे हैं। ये यहां ओवैसी जैसे लोगों को लाकर ,एक नई पार्टी के साथ में खड़ी कर आप लोगों का वोट बाँट के जीतना चाहते हैं। अगर तुम लोग इकठ्ठे हुए ,एकजुट होके वोट डाला तो मोदी हार जाएगा।
सुप्रीम कोर्ट के कड़े तेवरों के बाद चुनाव आयोग ने ऐसे बयानों पर सख्त रवैया अपनाते हुए योगी आदित्यनाथ, आजम खान, मायावती और मेनका के प्रचार पर रोक लगाई थी । ऐसे में सिद्धू पर भी आयोग की कार्रवाई हो सकती है। उनके बयान को सांप्रदायिक बयान माना जा रहा है।
पंजाब सरकार के मंत्री और कांग्रेस के सीनियर नेता नवजोत सिंह सिद्धू द्वारा कटिहार में महागठबंधन की तरफ से कांग्रेस उम्मीदवार के लिए चुनावी रैली में साम्प्रदायिक टिप्पणी के बाद बीजेपी ने इसकी शिकायत चुनाव आयोग से की है । उसके बाद सिद्धू के खिलाफ मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट (एमसीसी) उल्लंघन के आरोप में केस दर्ज किया गया है। बिहार के मुख्य चुनाव अधिकारी एचआर श्रीनिवास ने ‘जन प्रतिनिधि कानून की धारा 123 (3) और भारतीय दंड संहिता की धाराओं में सिद्धू के खिलाफ FIR दर्ज की गई है।’ धारा 123 (3) धर्म, नस्ल, जाति, सम्प्रदाय और भाषा के नाम पर किसी भी उम्मीदवार या व्यक्ति द्वारा देश के नागरिकों के बीच घृणा या दुश्मनी फैलाने से रोकती है।
बीजेपी का आरोप है कि कांग्रेस तुष्टिकरण की राजनीति कर रही है। इससे समाज बंटेगा जबकि पीएम मोदी सबका साथ और सबका विकास के मुद्दे पर वोट मांग रहे हैं।सिद्दधू के इस बयान से एआईएमआईएम के चीफ असदुद्दीन ओवैसी भी नाराज नजर आए। उन्होंने कहा, ‘जब आप बीजेपी में थे तब आप किसको जोड़ रहे थे। हमारी पार्टी नई जरूर है। लेकिन हम सीमांचल के पिछड़ापन को दूर करना चाहते हैं।’
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