अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप दुनिया के सबसे बड़े द्वीप ग्रीनलैंड को खरीदना चाहते हैं। उनकी इस चाहत पर ग्रीनलैंड के नेताओं ने जवाब देते हुए कहा कि हम बिकाऊ नहीं है।
एक रिपोर्ट का कहना है कि संभवत, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप आर्कटिक क्षेत्र में अपनी सैन्य मौजूदगी को बढ़ाना चाहते हैं।
इसके मद्देनजर चर्चा है कि ट्रंप ग्रीनलैंड को खरीदने की संभावनाएं तलाश रहे हैं। ट्रंप ने अपने सलाहकरों से पूछा है कि क्या अमेरिका विश्व के इस सबसे बड़े द्वीप को खरीद सकता है। हालांकि अभी तक इस पर किसी भी तरह का आधिकारिक बयान नहीं है।
वहीं समाचार एजेंसी एपी ने भी ट्रंप के एक सहयोगी का हवाला देते हुए लिखा कि ट्रंप ने इस बारे में बात की है लेकिन वह इस पर गंभीर नजर नहीं आ हैं। गौरतलब है कि इससे पहले भी 1946 में अमेरिका ने डेनमार्क के सामने प्रस्ताव रखा था कि वह 10 करोड़ डॉलर में ग्रीनलैंड को बेच दे। अमेरिका इसके बदले अलास्का में जमीन दे देगा।
दरअसल वॉल स्ट्रीट जनरल में छपि एक रिपोर्ट के मुताबिक ट्रेंप ने ग्रीनलैंड खरीदने की इच्छा जाहिर की है। वो सितंबर में डेनमार्क दौरे पर जाने वाले हैं। इसलिए कयास लगाया जा रहा है कि ग्रीनलैंड को खरीदने का मुद्दा उनकी बातचीत के एंजेंडे में होगा। लेकिन फिलहाल इसके कोई संकेत देखने को नहीं मिले हैं।
वहीं, डेनमार्क के पूर्व प्रधानमंत्री लार्स लोके रेस्मुसेन का कहना है कि इसे एक अप्रैल फूल जोक होना चाहिए, एकदम पुराना।
ग्रीनलैंड उत्तरी अटलांटिक और आर्कटिक महासागरों के बीच स्थित है। यह एक स्वशासित इलाका है। मगर डेनमार्क यहां की विदेश नीति, रक्षा और मौद्रिक नीति पर नियंत्रण रखता है। करीब 20 लाख वर्ग किलोमीटर में फैले ग्रीनलैंड में महज 57 हजार लोग ही रहते हैं।

