उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय का पांचवा दीक्षांत समारोह आयोजित किया गया, जिसमें बतौर मुख्य अतिथि राज्यपाल श्रीमती बेबी रानी मौर्य ने शिरकत की, इस मौके पर उच्च शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत के अलावा कुमाऊं विश्वविद्यालय के कुलपति, उच्च शिक्षा निदेशक समेत अनेक अधिकारी मौजूद रहे। पांचवें दीक्षांत समारोह में करीब दो हजार से ज्यादा छात्र-छात्राओं को डिग्री प्रदान की गई, जबकि 48 छात्र छात्राओं को अनेक विषयों में अच्छा परफॉर्मेंस करने पर स्वर्ण और रजत पदक से नवाजा गया, दीक्षांत समारोह की सबसे बड़ी बात यह रही की किसानी के क्षेत्र में बहुत बड़ा योगदान देने वाले पौड़ी के किसान विद्या दत्त शर्मा और सात बार एवरेस्ट फतह करने वाले बीएसएफ कमांडेंट पद्मश्री लव राज सिंह धर्मशक्तु को मानद उपाधि प्रदान की गई। उच्च शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने इस मौके पर कहा कि सभी छात्र छात्राएं आने वाले समय में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका इस देश के विकास में निभाएंगे। समाज के कार्यो में अपना महत्वपूर्ण योगदान देने वाले जिन दो लोगों को मानद उपाधि प्रधान की है उनसे हमारी छात्र-छात्राएं बहुत कुछ सीखेंगे। मानद उपाधि से सम्मानित होने वाले पिथौरागढ़ जिले के मुनस्यारी से पद्मश्री लवराज सिंह धर्मसत्तू ने कहा कि यह उनके लिए बहुत ही गौरवशाली पल है, कि उनको उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय ने यह सम्मान दिया, लव राज सिंह धर्मशक्तु अभी तक सात बार एवरेस्ट फतह कर चुके हैं, और करीब 700 किलो कचरा भी एवरेस्ट से उठाकर नीचे लाए हैं, लवराज अभी बीएसएफ में असिस्टेंट कमांडेंट है, जबकि किसानी और पलायन के क्षेत्र में काम करने वाले किसान विद्या दत्त शर्मा ने कहा कि आज के युवाओं को बहुत कुछ सीखने की जरूरत है और वे पलायन और कृषि के क्षेत्र में अपना अहम योगदान देंगे तो उत्तराखंड के लिए समर्पण होगा विद्यादत्त शर्मा मूल रूप से पौड़ी जिले के रहने वाले हैं।
लवराज धर्मसत्तू और विद्या दत्त शर्मा को मानद उपाधि से नवाजा…