हरियाणा को लालों की भूमि कहा जाता है। इसमें पूर्व उप प्रधानमंत्री देवीलाल से लेकर बंसीलाल और भजनलाल का नाम शामिल है। बंसीलाल और भजनलाल न सिर्फ राज्य के मुख्यमंत्री रहे, बल्कि उन्होंने राष्ट्रीय राजनीति में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई थी। बदले हालातों में लाल परिवार 2024 के दंगल से बाहर है तो दूसरी तरफ देवीलाल की विरासत तीन भागों में बंटी हुई है। इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) और नई नवेली जननायक जनता पार्टी (जेजेपी) अलग-अलग चुनाव लड़ रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस ने गुरुग्राम से फिल्म अभिनेता राज बब्बर को उतारकर बड़ा दांव खेला है तो भिवानी महेंद्रगढ़ सीट से राव दान सिंह को टिकट दिया है। ऐसे में हरियाणा के पूर्व सीएम बंसीलाल का परिवार चुनाव मैदान से बाहर हो गया है। टिकट की घोषण होने के बाद किरण चौधरी और श्रुति चौधरी की नाराजगी भी सामने आई थी। यह पहला मौका है कि जब हरियाणा की राजनीति से दो पूर्व मुख्यमंत्रियों के परिवार हशिए पर चले गए हैं। बीजेपी ने भजनलाल के परिवार को चुनाव में मौका नहीं दिया है तो कांग्रेस ने बंसीलाल के परिवार को। गौरतलब है कि मनोहर लाल करनाल से लोकसभा चुनाव लड़ने वाले तीसरे पूर्व मुख्यमंत्री हैं। इससे पहले भगवत शर्मा और भजनलाल करनाल से चुनाव लड़कर सांसद बन चुके हैं। भगवत शर्मा 1977 और भजनलाल 1998 में चुनाव जीते थे। 2024 के चुनाव में पूर्व सीएम मनोहरलाल करनाल से केंद्र में जाने की तैयारी कर रहे हैं। हरियाणा में बीजेपी को 10 सीटें जिताने की जिम्मेदारी है तो वहीं कांग्रेस पार्टी ने बीजेपी को राज्य में दोबार क्लीन स्वीप से रोकने के लिए काफी होमवर्क के बाद प्रत्याशियों का ऐलान किया है।

You may also like

MERA DDDD DDD DD