गाजियाबाद। विजयनगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत प्रताप विहार सेक्टर-11 में बृहस्पतिवार 16 जुलाई को एक भयंकर हादसे से चीख-पुकार मच गयी।यहाँ एक हेड कांस्टेबल के बेटे ने 4 लोगों को कार से रौंद डाला इनमे से एक व्यक्ति की मौत हो गयी। जबकि तीन गंभीर रूप से घायल हैं। हादसे से गुस्साए लोगों ने कार को तोड़फोड़ कर आरोपी की जमकर पिटाई करदी। पब्लिक ने मौके पर पहुंचे हेड कांस्टेबल को भी मार लगा दी। बाद में सूचना के बाद पहुंची पुलिस हेड कांस्टेबल और उसके बेटे को वहां से जैसे-तैसे बचा कर थाने ले आयी। प्राप्त जानकारी के मुताबिक हादसा प्रताप विहार सेक्टर-11 के ई-ब्लॉक की मुख्य सड़क पर स्थित आलोकी अस्पताल के पास हुआ। ई -ब्लॉक में रहने वाले राजेश यादव बुलंदशहर में बतौर हेड कांस्टेबल तैनात हैं। उनका बेटा चंदन यादव दोपहर को अपनी बीट कार लेकर जा रहा था। स्थानिये लोगों का कहना है कि कार की स्पीड इतनी तेज़ थी की कार बे काबू हो गयी और एक के बाद एक 4 लोगों को रौंद दिया।
चंदन यादव की कार के पैदल जा रहे सुरेंद्र कुमार (47) निवासी प्रताप विहार को ज़ोरदार टक्कर मार दी। सुरेंद्र हवा में उछलते हुए दूर जाकर गिरे। हादसा देखकर पास में ही पतंजलि की दुकान चलाने वाले बुजुर्ग शंकर दत्त जोशी ने कार को रोकने की कोशिश की तो चंदन यादव ने उन्हें भी टक्कर मार दी। इसके बाद कार का संतुलन फिर से बिगड़ा और फिर बाइक सवार दो युवकों को टक्कर मार दी। बाइक को टक्कर मारने के बाद कार रुक गई, जिसके बाद लोगों ने उसे घेर लिया। आक्रोशित लोगों ने लाठी-डंडों से हमला कर आरोपी की कार तोड़ फोड़ कर दी। बेटे से मारपीट की सूचना पर हेड कांस्टेबल राजेश यादव भी तत्काल मौके पर पहुंच गए। गुस्साए लोगों ने उनके साथ भी मारपीट की।
सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने पिता-पुत्र को भीड़ से छुड़ाया और थाने ले आई। साथ ही घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया। यहां सुरेंद्र को मृत घोषित कर दिया गया, जबकि शंकर दत्त जोशी की हालत गंभीर बताई है। घायल बाइक सवार युवकों को इलाज के बाद घर भेज दिया गया। कार की स्पीड देख सड़क के इर्द-गिर्द चल रहे लोगों में भगदड़ मच गई। जान बचाने के लिए लोग इधर-उधर दौड़ने लगे। गनीमत रही कि बाइक को टक्कर मारने के बाद कार बंद हो गई, जिसके चलते कई लोग मौत का शिकार होने से बच गए। स्थानीय लोगों का कहना है कि हादसे के बाद जब आरोपी चालक को पकड़ा तो उसके मुंह से शराब की महक आ रही थी। हालांकि, पुलिस ने इसकी पुष्टि से इनकार किया है। आरोपी का मेडिकल कराया जा रहा है।
मेडिकल रिपोर्ट के बाद ही इसकी पुष्टि हो सकेगी। सुरेंद्र कुमार की मौत के बाद उनके परिवार में कोहराम मच गया। मृतक के परिजनों ने पुलिस पर आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई न करने का आरोप लगाते हुए थाने पर बवाल शुरू कर दिया। परिजनों के मुताबिक सुरेंद्र की पत्नी की 5 साल पहले मौत हो चुकी है। इकलौती बेटी की देखरेख का ज़िम्मा सुरेंद्र के ऊपर ही था। परिजनों ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मी का बेटा होने के कारण पुलिस आरोपी को बचा रही है। कार कब्ज़े में लेकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। एक घायल का अस्पताल में इलाज चल रहा है। मृतक के पिता की तहरीर पर केस दर्ज कर आरोपी चंदन को गिरफ्तार कर लिया गया है। हेड कांस्टेबल वर्दी में मौके पर था, इस संबंध में पुलिस कप्तान को रिपोर्ट भेजी जाएगी।

