हेल्थ बजट 2021 : पूरे विश्व में कोरोना के चलते स्वास्थ्य सुविधाएँ लगभग ध्वस्त होती नजर आ रही थीं। भारत में भी लगातार खबरें आती रहीं कि कहीं पर कोरोना मरीज के लिए बेड नहीं है तो कहीं ऑक्सीजन सिलिंडर की कमी है। ऐसे में इस बजट में सबकी नजरें खास तौर पर स्वास्थ्य बजट पर थीं।
यह भी उम्मीद जताई जा रही थी कि हेल्थ सेक्टर को मोदी सरकार की तरफ से कुछ ना कुछ जरूर ही खास मिलेगा।ऐसा हुआ ही सरकार ने कोरोना को देखते हुए स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए बजट में बढ़ोतरी की है और एक खास स्कीम भी चलाई है।

उस स्कीम का नाम है आत्मनिर्भर स्वास्थ्य योजना ,सरकार ने बजट के जरिए कहा है कि यह देश की जनता के लिए एक तोहफा है। इसी के साथ जो सबसे अहम बात रही वह यह कि स्वास्थ्य बजट में 135 पर्सेंट का इजाफा हुआ है और इसे 94 हजार से 2.38 लाख करोड़ किया गया है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि, ‘सरकार इस खास योजना में अगले 6 सालों में करीब 61 हजार करोड़ रुपये खर्च करेगी।’ इसके तहत प्राइमरी लेवल से लेकर उच्च स्तर तक की स्वास्थ्य सेवाओं पर खर्च किया जाएगा। नई बीमारियों पर भी फोकस होगा, जो नेशनल हेल्थ मिशन से अलग होगा।
- बजट में कई और अन्य घोषणाएं भी की गयी। उनमें मुख्य रूप से कहा गया कि,
- 75 हजार ग्रामीण हेल्थ सेंटर खोले जाएंगे। सभी जिलों में जांच केंद्र, 602 जिलों में क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल खुलेंगे।
- नेशलन सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल, इंटिग्रेटेड हेल्थ इंफो पोर्टल को और मजबूत किया जाएगा। 1
- 7 नए पब्लिक हेल्थ यूनिट को भी चालू किया जाएगा।
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नेशनल इंस्टीट्यूश ऑफ वर्ल्ड हेल्थ बनाने की भी घोषणा

- सरकार ने नेशनल इंस्टीट्यूश ऑफ वर्ल्ड हेल्थ बनाने की भी घोषणा की है। इतना ही नहीं 9 बायो लैब भी बनाई जाएंगी। कोरोना को ध्यान में रखते हुए चार इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी भी बनाए जाने का अहम कदम उठाया गया है।
- न्यूटिशन पर फोकस किया जाएगा और जल जीवन मिशन (अर्बन) लॉन्च किया जाएगा।
- 500 अमृत शहरों में सैनिटाइजेशन पर काम होगा।
- स्वच्छता के लिए करीब 2 लाख 80 हजार करोड़ रुपये खर्च किये जायेंगे।
- शहरी स्वच्छ भारत मिशन 2.0 पर अगले 5 सालों में एक लाख 41 हजार करोड़ रुपए खर्च होंगे। दो हजार करोड़ रुपये का खर्च स्वच्छ हवा के लिए किया जाएगा।
- अपने बजट में सरकार ने विशेषकर स्वच्छता पर खास ध्यान दिया है। इस बजट में कोरोना वैक्सीन के लिए भी कई घोषणाएं की गयी है।