दो दिन पूर्व केंद्र की मोदी सरकार ने महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के वर्ष को धूमधाम से मनाने का फैसला लिया था। यही नहीं भाजपा और कांग्रेस ने गांधी की जयंती के अवसर पर अलग अलग यात्राएं की। यहां तक कि संयुक्त राष्ट्र संघ में भी बापू की याद में कार्यक्रम आयोजित किए गए ।

संयुक्त राष्ट्र संघ महात्मा गांधी की जयंती को अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस के तौर पर मनाता है। लेकिन अपने देश में बापू के साथ लोगो की कितनी भावनाएं जुडी है इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि राष्ट्पिता को राष्टद्रोही लिख दिया है। यही नहीं बल्कि राष्ट्पिता महात्मा गांधी के अस्थिकलश तक को नहीं बख्शा गया।
देशभर में 2 अक्टूबर को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं जयंती मनाई गई। उसी दिन मध्य प्रदेश के रीवा शहर के बापू भवन में लगी महात्मा गांधी की तस्वीर पर अज्ञात लोगों ने ‘राष्ट्रदोही’ लिखने के साथ-साथ वहां रखे उनके अस्थिकलश को चुरा लिया। यह जानकारी पुलिस ने दी। भारत भवन में यह अस्थिकलश 1948 से रखा था।

रीवा पुलिस ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि वह इसकी जांच कर रही है। रीवा पुलिस अधीक्षक आबिद खान ने कहा कि रीवा जिला कांग्रेस अध्यक्ष गुरमीत सिंह की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया है। सीसीटीवी के फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान करने का प्रयास जारी है।

याद रहे कि महात्मा गांधी वो शख्स थे जिन्होंने 1947 में भारत को 200 साल के अंग्रेजी शासन से मुक्ति दिलवाई थी। उन्होंने अहिंसा के जरिए असहयोग आंदोलन का नेतृत्व किया था। यही नहीं बल्कि उन्होंने गरीबों और समाज के अंतिम पायदान पर खड़े लोगों को उनका अधिकार दिलाया था।

