पिछली बार टोक्यो ओलंपिक में भारतीय दल ने कुल सात पदक अपने नाम किए थे। अब पेरिस ओलंपिक में देश को इस आंकड़े को बदलने की आस है। किस खेल में भारत के पदक जीतने की संभावना ज्यादा है उसे लेकर चर्चा तेज हो गई है। कहा जा रहा है कि कुछ ऐसे खेल हैं जिनमें भारत का जीतना लगभग तय है। जिससे पदकों की संख्या बढ़ सकत है। खासकर जैवलिन थ्रो और वेटलिफ्टिंग में खिलाड़ियों का हालिया प्रदर्शन मेडल की गारंटी देता है वहीं बॉक्सिंग, बैडमिंटन और पुरुष हॉकी में भी पदक की उम्मीद है
मंजिल उन्हीं को मिलती है जिनके सपनों में जान होती है। पंख से कुछ नहीं होता होंसलों से उड़ान होती है। इसी इरादे के चलते पिछले साल 23 सितंबर से 8 अक्टूबर तक पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना के हांगझोऊ में खेले गए एशियन गेम्स में भारतीय दल को रवाना करते हुए तत्कालीन खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने अबकी बार 100 पार का नारा दिया था और खिलाड़ियों ने ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए पहली बार 107 मेडल जीतकर इसे साकार भी किया था। ऐसे में खेलों का महाकुंभ कहे जाने वाले ओलंपिक 2024 संस्करण यानी पेरिस ओलंपिक जिसकी शुरुआत 26 जुलाई से हो रही है में भी इसे दोहराने की उम्मीद की जा रही है।
ओलंपिक में भारत की बात करें तो पिछला यानी टोक्यो ओलंपिक में भारतीय दल ने कुल सात मेडल अपने नाम किए थे। मगर इस बार देश को इस आंकड़े को बदलने की उम्मीद है। अब यह कैसे होगा। किस खेल में भारत के पदक जीतने की संभावना ज्यादा है उसे लेकर चर्चा तेज हो गई है। कुछ ऐसे खेल हैं जिनमें भारत मजबूत दावेदार माना जा रहा है। खासकर जैवलिन थ्रो और वेटलिफ्टिंग में खिलाड़ियों का हालिया प्रदर्शन मेडल की गारंटी देता है वहीं बॉक्सिंग, बैडमिंटन और पुरुष हॉकी में भी पदक की उम्मीदें हैं। जिससे इस बार पदकों की संख्या में इजाफा हो सकता है।
जैवलिन थ्रो की बात करें तो भाला फेंक के सुपरस्टार नीरज चोपड़ा लगातार दो स्वर्ण पदक जीतने वाले पहले भारतीय एथलीट बनकर इतिहास रचने का प्रयास करेंगे। चोपड़ा ने आखिरी बार 18 जून को फिनलैंड के तुर्कू में पावो नूरमी खेलों में हिस्सा लिया था और 85.97 मीटर के सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ स्वर्ण पदक जीता था। वहीं बैडमिंटन में पीवी सिंट्टाु, सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी पर पूरे देश की नजरें टिकी हैं। सात्विक और चिराग ने मई में सिंगापुर ओपन के बाद से प्रधिस्पर्धा नहीं की है जहां वे पहले दौर में हार गए थे। इससे उनकी रैंकिंग भी प्रभावित हुई है क्योंकि वे शीर्ष स्थान से नंबर तीन पर आ गए हैं। पिछले ओलंपिक में दोनों अपने तीन ग्रुप मैचों में से दो जीतने के बावजूद क्वार्टर फाइनल में जगह बनाने से चूक गए थे। लेकिन इस बार इनसे पदक की उम्मीद है।
पीवी सिंधु : इन दिनों सिंधु जर्मनी के सारब्रुकेन में अपने कोच अगुस द्वी सैंटोसो और अपनी टीम के साथ ट्रेनिंग कर रही हैं। पिछले महीने
इंडोनेशिया ओपन के बाद से वह लय में नहीं दिखी हैं और हाल के टूर्नामेंटों में भी वह अपनी सर्वश्रेष्ठ फॉर्म में नहीं दिखी हैं। सिंगापुर ओपन और इंडोनेशिया दोनों ही इवेंट के शुरुआती राउंड में हार गई थीं लेकिन वह भारत की सबसे बेहतरीन पदक उम्मीदों में से एक हैं। अगर वह पेरिस में पदक जीतती हैं तो वह रियो 2016 में रजत और टोक्यो 2020 में कांस्य पदक जीतने के बाद तीन पदकों के साथ भारत की सबसे सफल ओलंपियन बन जाएंगी।
मुक्केबाजी: टोक्यो ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता लवलीना ने हाल ही में चेक गणराज्य में ग्रैंड प्रिक्स टूर्नामेंट में दो मुकाबले हारने के बाद दमदार वापसी की और एक बार जीतीं जो उनके लिए रजत जीतने के लिए पर्याप्त था। अब लवलीना अपने दूसरे ओलंपिक पदक की तलाश में पेरिस जाएंगी।
निकहत जरीन: दो बार की विश्व चैंपियन जरीन पेरिस में और भी बड़ा मुकाबला करने की कोशिश करेंगी जहां वह ओलंपिक में पदार्पण करेंगी। वह आखिरी बार मई में एलोर्डा कप में खेली थीं जहां उन्होंने शीर्ष सम्मान हासिल किया था। फिलहाल निकहत पांच अन्य मुक्केबाजों के साथ जर्मनी के सारब्रुकेन में ओलंपिक सेंटर में एक महीने की ट्रेनिंग पर हैं। वह 22 जुलाई तक वहां रहेंगी और फिर पेरिस जाएंगी।
कुश्ती: 26 जुलाई से शुरू होने वाले 2024 पेरिस ओलंपिक में भारतीय कुश्ती दल का नेतृत्व विनेश फोगाट करेंगी। ओलम्पिक में कुश्ती की बात करें पहलवान केडी जाधव ने 1952 में पहला व्यक्तिगत पदक जीता था। 21वीं सदी में भारत ने 2008 के बीजिंग खेलों के बाद से कुश्ती में सुशील कुमार ने कांस्य पदक जीता है। ऐसे में पेरिस ओलंपिक से भारतीयों पहलवानों से गोल्ड की उम्मीद। पेरिस ओलंपिक 2024 में कुश्ती में कुल छह पहलवान हिस्सा लेंगे। जबकि ये सभी फ्रीस्टाइल में प्रधिस्पर्धा करेंगे, केवल एक पुरुष खिलाड़ी ही क्वालीफिकेशन हासिल कर पाया है।
पेरिस ओलंपिक के लिए कुश्ती टीम
अमन सहरावत पुरुष फ्रीस्टाइल 57 किग्रा, विनेश फोगट महिला 50 किग्रा, अंशु मलिक महिला 57 किग्रा, निशा दहिया महिला 68 किग्रा,
रीतिका हुड्डा महिला 76 किग्रा, अंतिम फंगल महिला 53 किग्रा। वेटलिफ्टिंग: टोक्यो में अपने शानदार प्रदर्शन से रजत पदक जीतने के बाद मीराबाई पेरिस में एक बार फिर 49 किग्रा वर्ग में दावेदारी पेश करेंगी। वेटलिफ्टिंग में वह इस बार भारत की अकेली महिला दावेदार हैं। उन्होंने टोक्यो में सिल्वर के साथ भारत के ऐतिहासिक प्रदर्शन की नींव रखी थी वहीं इस बार देश को उनसे गोल्ड की उम्मीद है। हालांकि टोक्यो में पदक जीतने के बाद से मीराबाई के लिए यह सफर आसान नहीं रहा है क्योंकि चोटों के कारण उन्हें काफी मुश्किल दौर से गुजरना पड़ा। फिर भी वह पेरिस में अपनी श्रेणी में प्रबल दावेदारों में से एक हैं और अगर वह 200-210 किलोग्राम की रेंज में भार उठाती हैं तो वह पोडियम पर पहुंच सकती हैं।
पुरुष हॉकी टीम: पेरिस ओलंपिक में भारतीय पुरुष हॉकी टीम की अगुवाई हरमनप्रीत सिंह करेंगे और पीआर श्रीजेश टीम में एकमात्र गोलकीपर होंगे। इस बार टीम के पास ओलंपिक खेलों में पिछले चार दशक के स्वर्ण पदक के सूखे को खत्म करने का सुनहरा मौका है। क्योंकि भारतीय टीम के पास आठ स्वर्ण पदकों की विरासत है। टोक्यो ओलंपिक खेलों में ऐतिहासिक कांस्य पदक जीतने के बाद से पुरुष टीम से उम्मीदें कई गुना बढ़ गई हैं। इससे पहले 1980 में भारतीय हॉकी टीम ने ओलिंपिक में आखिरी बार स्वर्ण पदक जीता था। 1928 से 1956 तक लगातार छह ओलिंपिक खेलों में स्वर्ण पदक हासिल करके भारतीय हॉकी टीम ने पूरी दुनिया में अपने खेल का लोहा मनवाया था। लेकिन 1980 के बाद चार दशक से अधिक समय हो चुका है भारतीय हॉकी टीम इस प्रतियोगिता में कोई करिश्मा नहीं कर पाई है। ऐसे में भारतीय टीम से इस बार स्वर्ण पदक जीतकर इस सूखे को समाप्त करने की उम्मीद जताई जा रही है।
निशानेबाजी: एशियाई खेलों की स्वर्ण पदक विजेता सिफ्ट ने चार चरण के ओलंपिक चयन ट्रायल में शानदार प्रदर्शन के बाद महिलाओं की 50 मीटर राइफल 3 पोजीशन में पेरिस टीम में जगह बनाई है और पिछले महीने की शुरुआत में म्यूनिख विश्व कप में कांस्य पदक जीता था। वह चीन की हान जियायू से केवल 0.1 अंक से रजत पदक से चूक गई। उन्होंने हाल ही में फ्रांस में एक राष्ट्रीय शिविर समाप्त किया था और अब वह ओलंपिक में पदक के रंग को बदल सकती हैं।
मनु भाकर: निशानेबाजी में अपने दूसरे ओलंपिक की ओर बढ़ रही मनु भाकर अपने अनुभव और हाल ही में शानदार प्रदर्शन से प्राप्त आत्मविश्वास के साथ पेरिस ओलंपिक का बेसब्री से इंतजार कर रही हैं। टोक्यो में क्वालीफिकेशन राउंड में अपने लक्ष्य से चूकने के बाद महज 22 वर्षीय भाकर ने बेहतरीन प्रदर्शन किया है। खासकर एशियाई खेलों में महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल टीम स्पर्ट्टाा में स्वर्ण पदक हासिल करना उनकी काबिलियत को दर्शाता है। भाकर एकमात्र ऐसी एथलीट हैं जो एक से अधिक व्यक्तिगत स्पर्धाओ महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल और महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल में भाग ले रही हैं और कई पदकों के लिए प्रतिस्पर्धा करने के लिए तैयार हैं।
गोल्फ: ओलंपिक में अदिति तीसरी बार भारत का प्रधिनिधित्व करेंगी। उनकी भागीदारी पर कभी संदेह नहीं था, लेकिन हाल ही में ओलंपिक गोल्फ रैंकिंग के माध्ययम से इसकी पुष्टि की गई। विश्व में 60वें स्थान पर काबिज अदिति ने 24वें स्थान पर रहते हुए खेलों के लिए क्वालीफाई किया है। वह इस सीजन में शीर्ष-10 में जगह बनाने में विफल रहीं इसलिए उनका प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा है लेकिन वह टोक्यो में अपने शानदार प्रदर्शन को पेरिस में भी दोहराने और पदक जीतने के मामले में एक कदम आगे बढ़ने की उम्मीद कर रही हैं।
इस बार भारत लगभग 100 एथलीटों के साथ ओलंपिक खेलों में भाग ले रहा है लेकिन दो खेल टेबल टेनिस और घुड़सवारी भारत के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। क्योंकि इन खेलों में भारत पहली बार ओलंपिक में हिस्सा लेगा। वे राष्ट्र के लिए एक ऐतिहासिक क्षण होंगे जब भारतीय एथलीट पदक लेकर आएंगे।
टेबल टेनिस: जब भारत की टेबल टेनिस टीम ने टीम स्पर्धा में ओलंपिक कोटा हासिल किया तो यह खुशी का क्षण था क्योंकि वह पहली बार ओलंपिक में शामिल होने वाली टीम है। पुरुष और महिला दोनों टीमें विश्व टीम चैम्पियनशिप के फाइनल में प्री-क्वार्टर फाइनल से बाहर हो गईं और ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने में विफल रहीं। हालांकि मार्च में अंतर्राष्ट्रीय टेबल टेनिस महासंघ (आईटीटीएफ) द्वारा जारी विश्व रैंकिंग ने दोनों टीमों को बचाया और वे पेरिस खेलों में शामिल हो गईं।
पुरुष टीम ने 15वें स्थान के साथ पेरिस में उपस्थिति सुनिश्चित की, जबकि महिला टीम 13वें स्थान पर रही। पेरिस में पुरुष और महिला वर्ग में कुल 16 टेबल टेनिस टीमें प्रतिस्पर्धा करेंगी। पुरुष टीम में जहां शरत कमल, हरमीत देसाई और मानव ठक्कर रिजर्व खिलाड़ी जी. साथियान शामिल हैं वहीं महिला टीम में मनिका बत्रा, श्रीजा अकुला और अर्चना कामथ रिजर्व खिलाड़ी अयहिका मुखर्जी को वरीयता दी गई है।
घुड़सवारी: घुड़सवारी एक और ऐसा खेल जिसमें भारत पहली बार भाग लेगा। ड्रेसेज इवेंट, जिसमें अनुष अग्रवाल ने हमवतन श्रुति वोरा को हराया। अग्रवाल अपने घोड़े सर कैरमेलो ओल्ड के साथ पिछले साल शुरू हुए क्वालिफिकेशन में लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे थे और उन्होंने न्यूनतम पात्रता आवश्यकता को चार बार पूरा किया। साथ ही उनका औसत स्कोर 67.695 प्रतिशत था जो वोरा से बेहतर था इसलिए भारतीय घुड़सवारी महासंघ (ईएफआई) ने देश का प्रधिनिधित्व करने के लिए उन्हें चुना है।
गौरतलब है कि पेरिस ओलंपिक इस साल का सबसे बड़ा इवेंट है जिसका आयोजन फ्रांस की राजधानी पेरिस में 26 जुलाई से 11 अगस्त तक होगा। इसमें दुनियाभर के करीब 10 हजार 500 एथलीट अलग-अलग खेलों के इवेंट्स में हिस्सा लेने के लिए पहुंचेंगे। भारत लगभग 118 खिलाड़ियों का दल भेज रहा है। ये खिलाड़ी 16 स्पर्धाओ में मेडल के लिए खेलेंगे। इस बार भारतीय दल में 70 पुरुष और 48 महिला खिलाड़ी शामिल होने की उम्मीद है। सबसे बड़ा दल एथलेटिक्स में 30 एथलीटों का होगा। इससे पहले टोक्यो ओलंपिक में भारत ने अपना सबसे बड़ा दल भेजा था। तब भारत की तरफ से भाग लेने के लिए 124 खिलाड़ी भेजे गए थे।