देश में अगले महीने लोकसभा चुनाव का ऐलान होने वाला है लेकिन इस चुनाव से पहले उत्तर प्रदेश में कांग्रेस का गढ़ रही अमेठी और रायबरेली सीट की काफी चर्चा है। खास तौर पर अमेठी सीट जहां पिछली बार कांग्रेस नेता राहुल गांधी अपने गढ़ में चुनाव हार गए थे। इस बार अमेठी में राहुल गांधी की दावेदारी को लेकर तमाम तरह की अटकलें लगाई जा रही है। कहा जा रहा है कि अगर राहुल गांधी अमेठी से चुनाव नहीं लड़ते हैं, तो वहां कांग्रेस का प्रत्याशी कौन होगा, इसे लेकर चर्चा जोरों पर है। इस दौरान तकरीबन दो साल बाद अमेठी पहुंचे राहुल गांधी ने पार्टी कार्यकर्ताओं समेत इलाके के ग्राम प्रधानों से मुलाकात की। यात्रा में शामिल सूत्रों के मुताबिक स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने इस मुलाकात के दौरान राहुल गांधी से अमेठी से चुनाव लड़ने को लेकर भी चर्चा की लेकिन राहुल ने चुनाव लड़ने या न लड़ने को लेकर किसी तरह की बात नहीं की जिसके बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि क्या राहुल गांधी अमेठी से चुनाव लड़ेंगे या नहीं। ये कयास इसलिए भी लगाए जा रहे हैं कि राहुल गांधी अमेठी में पिछला चुनाव हार गए थे। उसके बाद 2022 में हुए विधानसभा चुनाव के दौरान भी वह प्रियंका गांधी के साथ अमेठी गए थे। तब से अब ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ के साथ अमेठी पहुंचे। कहा यह भी जा रहा है कि राहुल गांधी अमेठी में जिस गर्मजोशी से पहले लोगों से मुलाकात करते थे, इस बार वह नहीं दिखा। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि अगर राहुल गांधी अमेठी से चुनाव नहीं लड़ते हैं तो अमेठी से अगला प्रत्याशी कौन हो सकता है? राजनीतिक जानकारों का कहना है कि जिस तरीके से राहुल गांधी बीते दो सालों से अमेठी से दूर रहे हैं, उससे संभव है वह अगला चुनाव केरल से ही लड़ेंगे।
अमेठी से राहुल नहीं तो कौन?

