उत्तरी दिल्ली के भीड़भाड़ वाली अनाज मंडी इलाके में उसी इमारत में आज दोबारा आग लग गई जिसमें कल रविवार को 43 लोगों की मौत हो गई और दर्जनों लोग घायल हो गए थे। डीएफएस के प्रमुख अतुल गर्ग ने कहा, “यह एक छोटी सी आग थी, लोगों ने धुआं देखा और दिल्ली फायर सर्विस को फोन किया।आग पर काबू पा लिया गया है। घटनास्थल पर चार फायर टेंडर भेजे गए। “गौरतलब है कि रविवार तड़के अनाज मंडी में अवैध फैक्ट्री में लगी भीषण आग में 43 लोगों की मौत हो गई थी। यह घटना बीस साल में ये सबसे दर्दनाक हादसा था। , जिसने राजधानी में आग से सुरक्षा के नियमों की धज्जियां उड़ा दी हैं। अग्निशमन विभाग का कहना है कि यह दिल्ली की सबसे भीषण आग दुर्घटनाओं में से एक थी। 13 जून 1997 को, उपहार सिनेमा परिसर के तहखाने में एक ट्रांसफार्मर से शुरू हुई आग में 59 मौतें हुईं थीं. दो साल बाद, पुरानी दिल्ली के लाल कुआं में, रासायनिक गोदाम में आग लगने से 57 लोगों की मौत हो गई थी।
दिल्ली के अनाज मंडी इलाके में कल रविवार आठ नवंबर की सुबह लगी आग में अब तक 43 लोगों की मौत हो गई मौत से भले ही पूरा देश स्तब्ध है। लेकिन राजनीतिक दल इस मसले पर भी एक-दूसरे पर आरोप लगाने में जुटे हैं। कांग्रेस और बीजेपी ने इस हादसे के लिए आम आदमी पार्टी को जिम्मेदार ठहराया है, जबकि ‘आप’ ने इसके लिए नगर निगम को जिम्मेदार ठहरा रही है।
दिल्ली बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी और केंद्रीय शहरी विकास मंत्री हरदीप पूरी घटनास्थल का दौरा कर राजनीतिक बयानबाजी की शुरुआत करी। तिवारी ने कहा कि क्षेत्र में बिजली की तार लटक रही है लेकिन कई शिकायतों के बाद भी सरकारी एजेंसियों ने कोई कार्रवाई नहीं की। कांग्रेस ने इस घटना के लिए आम आदमी पार्टी सरकार और बीजेपी के नेतृत्व वाले नगर निगमों को जिम्मेदार ठहराया है।दिल्ली सरकार ने मृतकों को दस -दस लाख और घायलों को एक -एक लाख रुपए मुआवजा की घोषणा की।
दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सुभाष चोपड़ा कहते हैं “केजरीवाल सरकार इसके लिए जिम्मेदार है। नगर निगम भी बीजेपी के तहत आते हैं। वे भी इसके लिए उतने ही जिम्मेदार हैं।”
तिवारी ने बीजेपी की ओर से पीड़ितों के परिवारों के लिए पांच-पांच लाख रुपये और घायलों को इलाज के लिए 25-25 हजार रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की।
इस बीच आम आदमी पार्टी ने बीजेपी पर वार करते हुए कहा कि वह राजनीति करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि इसके लिए बीजेपी के नेतृत्व वाली एमसीडी जिम्मेदार है। ‘आप’ के सीनियर नेता संजय सिंह ने कहा कि यदि वह फैक्टरी अवैध थी तो फिर नगम निगम की ओर उसे सील क्यों नहीं किया गया।
‘आप’ के प्रवक्ता गौरव चड्ढा ने कहा कि यह शर्मनाक और दुर्भाग्यपूर्ण है कि बीजेपी इस दुखद कांड पर राजनीति कर रही है। उन्होंने कहा कि यदि सवाल ही उठाने हैं तो फिर बीजेपी द्वारा संचालित एमसीडी को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए, जिसने इस फैक्ट्री को लाइसेंस देने का काम किया।
इस बीच दिल्ली पुलिस ने फैक्ट्री मालिक मोहम्मद रेहान को शाम को गिरफ्तार कर लिया. रेहान के खिलाफ पुलिस ने केस दर्ज किया है. फैक्ट्री के मालिक रेहान के खिलाफ आईपीसी की धारा 304 (गैरइरादन हत्या) का मामला दर्ज किया गया है. तड़के आग लगने के बाद फरार मोहम्मद रेहान को शाम को पुलिस ने गिरफ्तार किया. उससे पूछताछ की जा रही है. रेहान के भाई को पुलिस ने पहले ही हिरासत में ले लिया था।
इस अग्निकांड के पीछेसरकारी विभागों की घोर लापरवाही उजागर हुई है। बताया जा रहा है कि इन निर्माण इकाइयों के पास दमकल विभाग का अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) नहीं था। आसपास दमकल के वाहनों के आवागमन के लिए पर्याप्त जगह नहीं थी जिससे बचाव अभियान में दिक्कत हुई. दमकल कर्मी खिड़कियां काटकर भवन में दाखिल हुए। जब आग लगी तब कई मजदूर गहरी नींद में थे. भवन में हवा के आने-जाने की भी समुचित व्यवस्था नहीं थी. इसके परिणाम स्वरूप कई लोगों की दम घुटने से मौत हो गई.,इस हादसे में मृत 29 शवों की शिनाख्त अब तक हुई है. क्राइम ब्रांच की टीम मामले की जांच कर रही है।
मृतकों की सूची
समस्तीपुर
- साजिद (हरपुर गांव) 26 वर्ष
- वाजिद (हरपुर गांव) 18 वर्ष
- अकबर (हरपुर गांव) 22 वर्ष
- अताउल (हरपुर गांव) 18 वर्ष
- साजिद (हरपुर गांव) 22 वर्ष
- सदरे आलम (हरपुर गांव) 27 वर्ष
- समीउल्लाह (हरपुर गांव) 22 वर्ष
- मन्नान( हरपुर गांव) 30 वर्ष
- मो. महबूब (ब्रह्मपुर गांव)
- मो.खालिद (बेलाही गांव) 10 वर्ष
- मो.एहसान (बेलाही गांव) 16 वर्ष
सहरसा
- फैसल (नरियार) 24 वर्ष
- राशिद (नरियार) 30 वर्ष
- अफजल (नरियार) 18 वर्ष
- सजीम उर्फ इम्तियाज (नरियार) 50 वर्ष
- मो. संजार (नरियार) 19 वर्ष
- ग्यासुद्दीन (नरियार) 21 वर्ष
- मो. अफसाद (नवहट्टा ) 23वर्ष
सीतामढ़ी
- मो. दुलारे (बुधनगरा गांव)
- मो. अब्बास (बुधनगरा गांव)
- मो. गुलाब (बुधनगरा गांव) 38 वर्ष
- सन्नाउल्लाह (बोखड़ा)
- मो. एनुल नदाफ (झिटकी गांव)
अररिया
- मो. अयुब (नया भरगामा )32 वर्ष
- मो. जाहिद (नया भरगामा) 29 वर्ष
मुजफ्फरपुर
- मो. साजिद (उफरोली,कटरा)
- बब्लू ( मुजफ्फरपुर शहर)
बेगूसराय
- नवीन कुमार (छौड़ाही, जाना गांव)
मधुबनी
- मोहम्मद शाकिर (कुलुआही) 32 वर्ष
सुपौल
- मो. माहताब (बेलाही गांव)13 वर्ष