ईरान ने अपने भूमिगत नातान्ज परमाणु संयंत्र में इलेक्ट्रिक सप्लाई रुकने को परमाणु आतंकवाद की कार्रवाई करार दिया है। हालांकि, ईरान के परमाणु ऊर्जा संगठन के प्रमुख अली अकबर सालेही ने इस घटना के लिए किसी को अभी तक जिम्मेदार नहीं ठहराया है और ना ही उन्होंने किसी का नाम लिया है लेकिन माना जा रहा है कि इससे क्षेत्रीय तनाव में काफी इजाफा हो सकता है। ईरान के परमाणु संयंत्र में उस वक्त बिजली सप्लाई बाधित हुई है जब ईरान के साथ परमाणु समझौते को लेकर बातचीत होने के आसार हैं।
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परमाणु ऊर्जा संगठन के प्रमुख अली अकबर सालेही की टिप्पणी के बाद तनाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। इजरायली मीडिया ने नातान्ज परमाणु संयंत्र में इलेक्ट्रिक सप्लाई रूकने के पीछे साइबर हमले की बात कही है। रिपोर्ट के मुताबिक नातान्ज परमाणु संयंत्र में इस इकाई को नुकसान हुआ है, जहां काफी संवेदनशील सेंन्ट्रीफ्यूज स्थित है। हालांकि, इजरायली मीडिया में साइबर हमले होने के पीछे ना ही किसी स्रोत की बात कही गई है ना ही किसी तरह के कोई सबूत पेश किए हैं। लेकिन, जिन मीडिया एजेंसीज ने साइबर हमले की बात कही है, उनकी देश की सैन्य एजेंसियों के साथ साथ खुफिया एजेंसियों के साथ भी नजदीकी संबंध हैं।
पिछले वर्ष जुलाई में भी परमाणु संयंत्र में विस्फोट हो गया था। हालांकि बाद में इसे तोड़फोड़ की घटना करार दिया गया था। क्षेत्रीय स्तर पर ईरान का सबसे बड़ा दुश्मन इजरायल है और तेहरान का यह आरोप है कि यरुशलम किसी भी कीमत पर नहीं चाहता है कि परमाणु समझौते की वार्ता परवान चढ़े। ईरान ने दशकों पहले सैन्य परमाणु कार्यक्रम की शुरुआत करने वाले विज्ञानी की हत्या के लिए भी इजरायल को दोषी ठहराया था।