खालिस्तान को लेकर लगातार बढ़ते विवादों के कारण पिछले कुछ समय से देश में तनाव का माहौल है। साथ ही कनाडा के साथ भी हमारे विवाद बढ़ते जा रहे हैं। खालिस्तानियों के बढ़ते विवादों को देखते हुए भारतीय ख़ुफ़िया एजेंसी, राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (NIA) खालिस्तानियों के खिलाफ का एक्शन ले रहा है, लेकिन इसका असर पाकिस्तान में अधिक देखा जा रहा है।
क्योंकि पाकिस्तान की ख़ुफ़िया एजेंसी इंटर-सर्विसेज़ इंटेलिजेंस (ISI) लगातार खालिस्तान के समर्थकों की सहायता करने में लगी हुयी है। पकिस्तान ने इन खालिस्तानियों की रक्षा के लिए सेफहाउस प्लान भी शुरू कर दिया है। वाहन छिपकर बैठे खालिस्तानी आतंकियों को ISI ने अंडरग्राउंड कर दिया है। रिपोर्ट्स के अनुसार 15 प्रमुख खालिस्तानी आतंकियों को पाकिस्तानी सेना के 12 सेफहाउसों में सुरक्षित कर गया है। इनकी सुरक्षा को बनाये रखने के लिए पाकिस्तान और कनाडा से ऑपरेट कर रहे खालिस्तानी आतंकियों को अभी कुछ दिन तक हर प्रकार से अपने ऑपरेशन बंद रखने के आदेश मिले हैं।
NIA द्वारा जारी किये गए आतंकियों के नाम
NIA की ओर से कई खालिस्तानी आतंकियों की तस्वीर के साथ उनके नाम जारी किए गए हैं, जिसमें वाधवा सिंह बब्बर, हरविंदर सिंह रिंदा, रणजीत सिंह उर्फ नेता, लखबीर सिंह रोड़े, गंगा सिंह ढिल्लों, गजेन्द्र सिंह और जगजीत सिंह का नाम शामिल किये गए है।
कैसे खड़ा हुआ विवाद
आज़ादी के बाद से ही भारत में शुरू हुए खालिस्तान प्रदर्शन आज भी जारी हैं। आये दिन किसी न किसी रूप में यह एक हिंसात्मक रूप लेता है। हाल ही में जी-20 सम्मेलन में हिस्सा लेने भारत आए कनाडा के प्रधानमंत्री ‘जस्टिन ट्रूडो’ के निजी विमान ख़राब होने की वजह से दो दिनों तक भारत में ही फंसे रह गए थे। लेकिन उनके स्वदेश पहुंचते ही ख़बर आई कि कनाडा ने भारत के साथ ट्रेड मिशन को रोकने का ऐलान कर दिया है। कनाडाई वाणिज्य मंत्री मैरी एनजी के प्रवक्ता ने शुक्रवार को बताया कि कनाडा ने द्विपक्षीय मुक्त व्यापार समझौते पर बातचीत भी रोक दी है।

वहीं कनाडा संसद के निचले सदन हाउस ऑफ कॉमंस में एक बयान में ट्रूडो ने कहा है कि, ‘कनाडाई सुरक्षा एजेंसियां ऐसे ठोस आरोपों की जांच कर रही हैं कि एक कनाडाई नागरिक हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भारत सरकार के जासूसों का हाथ है। कनाडा की धरती पर एक कनाडाई नागरिक की हत्या में किसी विदेशी सरकार की भूमिका हमारी संप्रभुता का उल्लंघन है जिसे स्वीकार नहीं किया जा सकता।
गौरतलब है कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया राज्य के सरी इलाके में हरदीप सिंह निज्जर की एक गुरुद्वारे के सामने गोली मारकर हत्या कर दी गयी थी। भारत सरकार निज्जर को आतंकवादी मानती थी और उन्हें उग्रवादी अलगाववादी संगठन का नेता भी बताती है। हालांकि निज्जर के समर्थक इसे सरासर गलत बताते हैं। ट्रुडो के इस बयान के बाद से ही भारत और कनाडा के बीच तनाव बढ़ गया है।
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