देवभूमि उत्तराखण्ड स्थित केदारनाथ धाम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गहरी आस्था रखते हैं। पिछले दिनों उनके निर्देश पर राज्य सरकार ने केदारधाम में एक गुफा का निर्माण भी कराया जिसमें चुनाव बाद पीएम मोदी स्वयं ध्यान करने पहुंचे। उन्होंने एक रात इस गुफा में ही बिताई। केदारनाथ में 2013 के दौरान आई आपदा के बाद हरीश रावत सरकार ने जोर-शोर से पुनर्निर्माण कार्य कराए थे। नरेंद्र मोदी के पीएम बनने के बाद इन निर्माण कार्यों में तेजी आई। पीएम के निर्देश पर बनी गुफा का आकर्षण भी देश-विदेश में बढ़ने के समाचार हैं। इस सबके बीच मात्र दस दिन पूर्व की केदारनाथ में तैनात किए गए एसडीएम गौरव चटवाल ने राज्य सरकार को यकायक ही अपना इस्तीफा यह कहते हुए सौंप दिया कि वे केदारनाथ में काम नहीं कर पाएंगे। राज्य के अपर मुख्य सचिव (कार्मिक) को भेजे अपने पत्र में उन्होंने स्पष्ट लिखा है कि वे विषम भौगोलिक परिस्थितियों के चलते यहां काम
कर पाने में असमर्थ हैं। जिला प्रशासन का कहना है कि दो दिन पूर्व इस्तीफ देने वो चटवाल से संपर्क नहीं हो पा रहा है क्योंकि वे केदारनाथ से जा चुके हैं और उनका मोबाइल बंद आ रहा है।
कर पाने में असमर्थ हैं। जिला प्रशासन का कहना है कि दो दिन पूर्व इस्तीफ देने वो चटवाल से संपर्क नहीं हो पा रहा है क्योंकि वे केदारनाथ से जा चुके हैं और उनका मोबाइल बंद आ रहा है।